माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। श्री रामलीला कमेटी देवी मंदिर की ओर से शुक्रवार को श्रीराम राज्यभिषेक के साथ कवि सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें देश और प्रदेश के कवियों ने अपनी कविताओं की सुंदर प्रस्तुतियों से सबको गदगद कर दिया।
कमेटी के प्रधान आदर्श गुप्ता ने सबका स्वागत किया। शुक्रवार रात करीब 10 करीब कवि सम्मेलन शुरू किया। अरुण जैमिनी, डॉ. प्रवीर शुक्ल, डॉ. अर्जुन सिसोदिया बुलंदशहर, आशीष एलन लखनऊ व डॉ. कीर्ति काले दिल्ली ने हास्य और व्यंग्य कर अपनी कविताओं से लोगों को हंसाया।
उत्तर प्रदेश के बड़ौत के पीके आजाद ने कहा कि आंख से आंख से मिलाओ तो मजा आ जाए, हंसकर सब दांत दिखाओ तो मजा आ जाएं। उड़ गए बाल मगर खाल अभी बाकी है, खोपड़ी मन से खुजाओ तो मजा आ जाएं।। धान के खेत में आलू तलाशते नेता, इनसे एक खेत बुआओ तो मजा आ जाएं।।
डॉ. कीर्ति काले भंग की तरंग चढ़ी जैसे होले-होले, मुझे वो गुल गुलजार कहने लगा, खुद शाहरुख मुझे मल्लिक बिपाशा बार-बार कहने लगा और उतरा नशा जब धीरे-धीरे ललीता पंवार कहने लगा।। कवि डॉ. प्रवीर शुक्ला ने कैसे कह दूं कि थक गया हूं मैं, जाने किस-किस का हौसला हूं मैं। दाग खुद के छिपाए फिरता है और कहता है आइना हूं मैं।।आशीष एलन लखनऊ ने कहा कि चाहे हो क्रिकेट मैच या युद्ध वाला क्षेत्र तेरे साथ होती अनहोनी ही बहुत है, जाने किस चीज से लिख आया भाग्य, पाकिस्तान तुझे धाने के लिए हमारा धोनी ही बहुत है।।अरुण जैमिनी ने कहा कि वो हर आदमी सुखी है, जिसका पड़ोसी दुखी है।। उन्होंने दूसरी कविता में कहा कि एक आदमी नाई के पास गया, नाई कहने लगा बाल छोटे करने हैं, आदमी बोला बढ़ा भी सकते हो। डॉ. अर्जुन सिसोदिया बुलंदशहर ने कहा कि मिटकर भी हम अंग्रेजों के, सूरज को धूल में मिला देंगे।।