संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। सरकार व प्रशासन के दावों के बाद समालखा में एलपीजी गैस को लेकर अव्यवस्था अब खुली लूट में बदलती नजर आ रही है। सर्वाधिक मार दिहाड़ी पर काम करने वाले श्रमिक वर्ग पर पड़ रही है। 80 रुपये प्रति किलो मिलने वाली गैस अब 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में छोटे सिलिंडरों में गैस भरवाने वाले श्रमिक रोजाना बाजार में महंगे दाम चुकाते दिख रहे हैं। आरोप है कि बड़े सिलिंडरों से छोटे सिलिंडरों में गैस ट्रांसफर कर दुकानदार मोटा मुनाफा कमा रहे हैं जबकि इस पर कोई प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही। बिहार के बेतिया निवासी राजेश ने बताया कि वह ऑफिसर कॉलोनी में किराये पर रहते हैं। उन्होंने 10 दिन पहे 80 से 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गैस भरवाई थी। अब गैस 200 से 250 रुपये में मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकानदार सप्लाई कम होने और कीमत बढ़ने का हवाला देकर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। शास्त्री कॉलोनी के धीरेंद्र ने बताया कि अगर ग्राहक रेट को लेकर सवाल करता है तो उसे गैस न होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। डीएफएसी दिव्या ने बताया कि ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है। इन पर सख्ताई और बढ़ाई जाएगी।