जाट आरक्षण के चलते केवल चंडीगढ़-दिल्ली रूट पर रोडवेज सेवाएं चलती दिखाई दी। शुक्रवार को रोडवेज की करीब 60 बसें चंडीगढ़-दिल्ली रूट पर दौड़ी, लेकिन लोकल रूट के साथ पानीपत-जींद, रोहतक व हरिद्वार रूट पूरी तरह बंद के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
शुक्रवार को दिल्ली अंबाला रेलमार्ग जाम के चलते यात्रियों ने बसों की तरफ की रूख किया। चंडीगढ़ व दिल्ली रूट पर बसे रवाना होने के चलते बस स्टैंड पर काफी भीड़ लगी रही।
रोडवेज की करीब 60 बसें चंडीगढ़-दिल्ली पर दौड़ी है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बंद रूटों की बसों को रोडवेज ने चंडीगढ़-दिल्ली रूट पर रवाना किया।
यात्री विकास, मनोज, सुरजीत, प्रदीप, हेमंत, अशोक, प्रीति, सोनिया, शिवानी ने बताया कि लोकल रूट पर बसें बंद के चलते अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ी है।
वहीं पानीपत से जींद, रोहतक व हरिद्वार की ओर सफर करना मुश्किल हो गया है। लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेते हुए परेशानी उठाकर घर पहुंचना पड़ रहा है।
डिपो में खड़ी रही 84 बसें, लोकल रूट बंद
जाट आरक्षण की मांग को लेकर जिलेभर में लोगों ने लोकल रूट पर पेड़ काटकर रास्ता बंद कर दिया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोकर रूट समेत पानीपत-जींद, रोहतक व हरिद्वार रूट बंद के चलते डिपो में करीब 84 बसें डिपो में खड़ी रही। जिस कारण रोडवेज को रोजाना लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ये रूट रहे बंद
जाट आरक्षण के चलते बिजनौर पानीपत रोहतक, पुगथला, नौल्था,खानपुर, मांडी, हड़ताड़ी मडाना, बुड़शाम से पानीपत, मतलौडा पानीपत-जोशी, जामनी-पिल्लुखेड़ा, सफीदों-जींद समेत कई रूट बंद रहे।
जाट आरक्षण के चलते जिलेभर में 40 लोकल रूट समेत पानीपत-जींद, रोहतक व हरिद्वार रूट बंद रहा। पानीपत डिपो कोई बस रवाना नहीं की गई है। शुक्रवार को चंडीगढ़-दिल्ली रूट पर बसें रवाना हुई है।
सुभाष खर्ब, जीएम रोडवेज, पानीपत।