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थाने के ऊपर से गुजर रही लो-टेंशन तार की चपेट में आने से पांच छात्रों को लगा करंट, एक सड़क पर गिरा

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समालखा। हादसे के बाद थाने में खडी बस। - फोटो : Panipat
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रोडवेज बस चालक और परिचालक ने दरवाजा नहीं खोला तो करीब 20 छात्र बस की छत पर चढ़ गए। इस पर बस चालक बस को थाने में ले गया। जहां छात्रों को लो-टेंशन (एलटी) लाइन की चपेट में आने से करंट लगा और इनमें से एक छात्र बस की छत से सड़क पर गिर गया। स्पीड ब्रेकर से सिर टकराने से छात्र की हालत गंभीर बनी है। छात्रों को गंभीर हालत में निजी अस्पतालों में दाखिल कराया गया है।
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जानकारी के अनुसार फरीदाबाद डिपो की बस बल्लभगढ़ से चंडीगढ़ की तरफ जा रही थी। समालखा के पुराने बस स्टैंड पर फरीदाबाद डिपो के बस चालक और परिचालक ने सवारियों को उतारने के बाद विभिन्न संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को देखकर बस का दरवाजा बंद कर लिया। दरवाजा बंद होने पर करीब 20 छात्र बस की छत पर चढ़ गए। पुराने बस अड्डे से कुछ दूरी पर चालक जितेंद्र ने बस रोकते हुए छात्रों को नीचे उतरने के लिए कहा, लेेकिन वे नीचे नहीं उतरे। जिस पर उनके बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद चालक बस लेकर चल पड़ा और रास्ते में जीटी रोड पर समालखा थाने की बिल्डिंग देखकर बस वहां के लिए मोड़ दी। इस दौरान थाने के ऊपर से गुजर रही एलटी की चपेट में से राहुल पुत्र भूपेंद्र व राहुल पुत्र विनोद निवासी पावटी, नितिन निवासी पट्टीकल्याणा, सचिन भटनागर गली समालखा और सचिन रूहल बिहौली को करंट लगा। करंट लगने से सचिन बस से नीचे गिर पड़ा और उसका सिर स्पीड ब्रेकर से टकरा गया। इसके बाद छात्र नाराज छात्रों ने चालक जितेंन्द्र व परिचालक धर्म कुमार के साथ हाथापाई शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को थाने में अंदर ले गई और घायलों को समालखा व जीटी रोड के निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया। पुलिस ने चालक जितेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए अदालत में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दरवाजा नहीं खोलने का लगाया आरोप
बच्चों ने आरोप लगाया कि पुराने बस अड्डे पर रोडवेज चालक दरवाजा नहीं खोलते हैं। मजबूरी के चलते उन्हें छत पर चढ़ना पड़ता है। वीरवार को बस परिचालक ने दरवाजा नहीं खोला इसके कारण वो छत पर चढ़ गए। वहीं चालक जितेंद्र ने बताया कि उसने रास्ते में बस रोकर उन्हें नीचे उतरने को कहा लेकिन वो नहीं माने। झगड़ा बढ़ ना जाए इसलिए वह बस को थाने में ले जा रहा था। जिस दौरान ये हादसा हो गया।
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बस रोकनी चाहिए थी- कुमार
छात्रों को कॉलेज व स्कूलों में जाने में दिक्कत होती है। रोडवेज चालक व परिचालक को बस रोककर बच्चों को अंदर बैठाना चाहिए। फिलहाल पांच झुलसे छात्रों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने चालक पर केस दर्ज कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
प्रवीण कुमार, एसएचओ समालखा पुलिस थाना
वर्जन
घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, इसके लिए रोडवेज प्रबंधन ने चिंता व्यक्त की है। मामले की जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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- कर्मबीर, ट्रैफिक मैनेजर, पानीपत डिपो।
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