पानीपत। यमुना नदी में जगह-जगह बने गहरे कुंड हादसों का कारण बन रहे है। कई जिंदगियों इन गहरे कुंड में शमा चुकी हैं। लगातार हादसे होने के बावजूद भी न तो प्रशासन पर ध्यान है और न ही कुंड के आस-पास चेतावनी बोर्ड ही लगाए गए हैं। जिससे आए दिन लोग नहाते समय कुंड में जिंदगियां समा रही हैं।
यमुना नदी हरियाणा और यूपी के बीच से होकर बहती है। पानीपत जिले में यमुना तटबंध की लंबाई करीब 40 किमी हैं। यमुना नदी पर सनौली, संजौली समेत कई स्थानों पर घाट बने हैं। जहां पर लोग गर्मी में अक्सर नहाने के लिए जाते हैं। लेकिन, कोई उचित प्रबंध न होने के कारण हादसों का शिकार होते हैं। हादसों का सबसे बड़ा कारण यमुना नदी में जगह-जगह बने गहरे कुंड हैं। संजौली घाट पर एक कुंड में डूबने से हुई मामा-भांजे की मौत ने एक बार फिर यमुना नदी में कुंड बनने पर सवाल पैदा कर दिए हैं।
नदी की धारा में घुमाव व अवैध खनन से कुंड बनने का कारण : आस-पास के ग्रामीणों का कहना है कि यमुना नदी सनौली घाट के पास यूपी से हरियाणा की ओर घुमती है। इसके साथ ही यूपी की सीमा क्षेत्र में अवैध रूप से खनन भी होता है।
जिससे नदी का पानी घूमता है और रेत का कटाव करता है। जिससे नदी में गहरा कुंड बन जाते हैं। जहां पर कुंड होते है वहां पर भी पानी शांत ही नजर आता है। जिस कारण लोग नहाते समय वहां पर फंस जाते हैंं और गहने पानी में डूबने से उनकी मौत हो जाती है।