पानीपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार की कोर्ट ने तीन साल पहले दोस्त की हत्या के मामले में दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। मामले में दोषी ने पत्नी पर बुरी नजर रखने के शक में दोस्त की हत्या की थी।
घटनाक्रम के अनुसार, 26 अप्रैल 2021 का पुराना औद्योगिक थाने में पिंटू (दोषी) ने पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया था कि वह बतरा कॉलोनी में रहता है। चार-पांच युवक राणा निवासी बतरा कॉलोनी के साथ झगड़ा कर रहे थे। वह उनके नाम नहीं जानता, लेकिन चेहरे से पहचान कर सकता है। उन्होंने राणा के साथ मारपीट की और चाकू-पेंचकस से चोट मारी। उसने तुरंत राणा के चचेरे भाई शंटी को फोन कर मौके पर बुलाया। इसके बाद दोनों राणा को सिविल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वारदात के वक्त मौके पर राणा के साथ विक्की और सागर नाम के दो युवक भी थे। दोषी पिंटू ने उनको भी जुबान नहीं खोलने की धमकी दी थी। इसके बाद वे दोनों चुप थे। जब मामले की पुलिस छानबीन करने लगी तो इस दौरान उक्त दोनों ने राणा के भाई रीनू को इस बारे में बताया था। जिसके बाद रीनू ने भी अपने तौर पर छानबीन की और पुलिस में पिंटू के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने पिंटू को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने राणा की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के समक्ष पिंटू ने बताया था कि उसकी तीन साल पहले ज्योति के साथ शादी हुई थी। वह परिवार से अलग बतरा कॉलोनी में रहता था। यहां उसकी दोस्ती विक्की, सागर, राणा के साथ हुई थी, जिनका उसके कमरे पर आना-जाना था। राणा उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था। इसी रंजिश में 25 अप्रैल की शाम को राणा से उसकी कहासुनी हो गई, जिसके बाद चाकू से मारकर उसने राणा की हत्या कर दी। बीच-बचाव करने आए विक्की के भी हाथ पर चाकू मारा और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में पुलिस ने 20 गवाह पेश किए गए। साथ ही पिंटू की निशानदेही पर बरामद चाकू सजा दिलाने में सबसे बड़ा सुबूत बना।