पानीपत। गढ़ी छाज्जू गांव में चुनावी रंजिश में 2017 में एक व्यक्ति की पीट पीटकर हत्या करने के मामले में चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने दोषियों पर 39-39 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में अदालत ने चार आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया।
छाज्जू गढ़ी निवासी सुरेंद्र पुत्र हरि सिंह ने 18 जून 2017 को समालखा थाने की पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 20 जून 2017 को रात सवा नौ बजे खेत में जा रहा था। रास्ते में अभय पुत्र जयप्रकाश, शंकर पुत्र जगबीर, विक्रम व इंद्र पुत्र बीर सिंह ने उसका रास्ता रोक लिया। चारों के हाथ में रॉड थी। उन्होंने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में बीर सिंह जय प्रकाश रौनक और विनोद भी शामिल थे। उन्होंने साजिश रची थी। हमले के बाद उससे चार हजार रुपये भी लूट लिए थे। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर उसका चाचा दलबीर आ गया। ये सभी हमलावर उसके चाचा दलबीर को देखकर फरार हो गए।
घटना के बाद उसका चाचा घायल सुरेंद्र को समालखा अस्पताल ले गया। यहां से डॉक्टरों ने उसे सिविल अस्पताल रेफर कर दिया था। परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां 22 जून को सुरेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने रौनक पुत्र दुलीचंद निवासी छाज्जू गढ़ी को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। 24 जून को जयप्रकाश पुत्र करण सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इसके बाद हत्या के आरोपी शंकर पुत्र जगबीर को भी गिरफ्तार किया।
16 जुलाई 2017 को पुलिस ने वीर सिंह पुत्र धूप सिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में बताया कि मृतक सुरेंद्र ने गांव में चुनाव के दौरान हरि सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रहे प्रवीण की मदद की थी। हरि सिंह को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। वह इसी बात पर सुरेंद्र से खफा थे। इसलिए उन्होंने सुरेंद्र पर हमला किया था। लगभग छह साल चली मामले की सुनवाई के बाद बुधवार को अदालत ने अभय, इंद्र, विक्रम व शंकर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में जय प्रकाश, बीर सिंह, विनोद व रोनक को बरी किया है। रौनक की पहले मौत हो चुकी है।