पानीपत। इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी में पांचवें दिन आधे से कम श्रमिक काम पर लौट आए हैं। 25 प्रतिशत श्रमिक हड़ताल के लगातार बढ़ने पर होली पर अपने घर चले गए। प्रशासन ने रिफाइनरी में स्थिति नियंत्रण में बताई और स्थिति सामान्य होने पर पुलिस फोर्स को हटाने का दावा किया है। आईजी कानून एवं व्यवस्था कुलदीप सिंह ने डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार और एसपी भूपेंद्र सिंह के साथ रिफाइनरी का मुआयना किया।
उन्होंने सुरक्षा एवं व्यवस्था की जांच की और अधिकारियों को सुरक्षा के संबंध में निर्देश दिए। इन सबके बीच सीटू के बैनर तले करीब 200 श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। यूनियन ने क्लास-ए शहर के अनुसार श्रमिकाें काे वेतन देने की मांग की है। रिफाइनरी ने पानीपत की कैटेगरी के अनुसार वेतन देने का दावा किया है।
आईजी कानून एवं व्यवस्था कुलदीप सिंह ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट निगम के अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी, एसडीएम मनदीप कुमार और बाकी पुलिस अधिकारियों से बात की। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि पानीपत रिफाइनरी करीब 15 मिलियन मीट्रिक टन की कैपेसिटी की है। इसमें 10 मिलियन मीट्रिक टन की कैपेसिटी बढ़ाने के प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में नौ कंपनी काम कर रही हैं। पिछले शुक्रवार को दो श्रमिक पाइप गिरने के बाद घायल हो गए थे। उनको अस्पताल में दाखिल कराया गया था।