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Panipat News: मां से सीखे नृत्य के गुर, अब शास्त्रीय एकल नृत्य की कमा रही नाम

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स्वीटी सांगवान
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पानीपत। कहते हैं कि बच्चे की पहली गुरु उसकी मां होती हैं। वहीं मां अगर उसकी स्कूली शिक्षा में भी गुरु बन जाएं तो सोने पर सुहागा हो जाएं। ऐसे की कुछ गुण पाकर बाल विकास स्कूल में 10वीं कक्षा की काजल ने शास्त्रीय एकल नृत्य में मुकाम हासिल किया है। काजल बाल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतियोगिता में उत्कृष्ट स्थान पाया है। वे अपनी आधुनिक पढ़ाई के साथ शास्त्रीय एकल नृत्य में अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने के हौसले के साथ आगे बढ़ रही हैं।
काजल ने बताया कि वह बाल विकास स्कूल की 10वीं कक्षा में पढ़ती है। उनकी मां नीता शास्त्रीय नृत्य अध्यापिका हैं। उन्होंने अपनी मां से नृत्य की प्रारंभिक गुर सीखें। शास्त्रीय एकल नृत्य प्रारंभ में कुछ अटपटा लगा। लेकिन धीरे-धीरे सब सामान्य होता चला गया। अब उसको शास्त्रीय नृत्य के बराबर दूसरा कोई नृत्य नहीं लगता। उसको मां के गुरु बनने के दो फायदे हैं। वह स्कूल के बाद अपने घर आकर भी उनसे इस बारे में जान सकती है। उन्होंने बताया कि बाल दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता में उत्कृष्ट स्थान पाया है। वह शास्त्रीय एकल नृत्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना बनाना चाहती हैं।
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बिजनेसमैन पिता की बेटी एकल गायन में छाई
एकल गायन में अंशिका ने जिला स्तरीय बाल महोत्सव में प्रथम स्थान पाया है। वह दसवीं कक्षा में पढ़ती हैं। अंशिका के अध्यापक दीपक कुमार ने बताया कि उसके पिता राजेश गुप्ता एक बिजनेसमैन है और मां गृहिणी है। वे दो भाई-बहनों में बड़ी हैं। अंशिका गायन में लगातार अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने बाल महोत्सव में मंडल स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। वह अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की तैयारी कर रही है। वह क्लासिक और बाॅलीवुड दोनों गाने गा लेती हैं।
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बाल दिवस पर आज कार्यक्रम
जिला बाल कल्याण अधिकारी रितु राठी ने बताया कि बाल दिवस पर बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए प्रतियोगिता कराई गई थी। जिला के बाद मंडल स्तर पर प्रतियोगिता कराई गई हैं। इनमें कई प्रतिभागी उतकृष्ट रहे हैं। वीरवार को बाल भवन में सम्मान समारोह किया जाएगा। मुख्यातिथि शिक्षा मंत्री के भाई हरपाल ढांडा होंगे। यहां करीब 400 बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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