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Panipat News: हाईवे जाम कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज, चढ़ूनी समेत 30 से अधिक हिरासत में लिए

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शाहाबाद। सूरजमुखी की एमएसपी पर खरीद की मांग को लेकर मंगलवार को किसानों ने दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर जमकर बवाल काटा। दोपहर से देर शाम तक हाईवे जाम कर बैठे किसानों पर पहले वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई। फिर लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया गया। लाठीचार्ज में कई किसान जख्मी हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस ने गुरनाम सिंह चढूनी सहित 30 से ज्यादा किसानों को हिरासत में लिया गया है।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बराड़ा रोड पर शहीद उधम सिंह हाल में मंगलवार की सुबह किसानों की महापंचायत शुरू हुई। यहां किसानों से चरचा के बाद गुरनाम सिंह चढूनी ने प्रशासन को 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया। साथ ही कहा कि अगर सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक संदेश है तो प्रशासन की ओर से किसानों तक पहुंचाया जाए। इस बीच गुरनाम सिंह चढूनी ने एसडीएम कपिल शर्मा और डीएसपी रणधीर सिंह के साथ बैठक भी की, लेकिन यह बेनतीजा रही। उसके बाद करीब 12.15 बजे डीसी शांतनु शर्मा और एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया किसानों के बीच पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। जब यह दोनों अधिकारी भी किसानों को आश्वस्त नहीं कर पाए तो गुरनाम सिंह चढूनी ने सड़क जाम करने की घोषणा कर दी।
इससे पहले किसानों को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए थे, लेकिन हजारों किसान शहीद उधम सिंह स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद पुल की करीब 30 फीट चढ़ाई चढ़ने के बाद नेशनल हाईवे पर जा पहुंचे और दोनों तरफ से जाम कर दिया। ऐसे में किसानों को रोकने के पुलिस के सभी प्रबंध धरे के धरे रह गए। किसानों की रणनीति समझने में पुलिस प्रशासन नाकाम रहा। इस दौरान डीएसपी रणधीर सिंह स्वयं आंदोलनकारी किसानों के पीछे भागते नजर आए, लेकिन उससे पहले किसान अपने मिशन में कामयाब हो गये। हाईवे जाम करने के बाद प्रदर्शनकारी किसानों का नेतृत्व कर रहे गुरनाम सिंह चढूनी ने ऐलान किया है कि उन्हें हाईवे से हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया तो पूरे प्रदेश को बंद कर दिया जाएगा।
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वहीं एसडीएम कपिल शर्मा ने दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर धरना दे रहे किसानों से देर शाम करीब सात बजकर पांच मिनट पर अपील की कि हाईवे खाली किया जाए। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि आम जन की सुविधा को देखते हुए हाईवे जाम नहीं किया जा सकता। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि पांच मिनट में हाईवे खाली करना होगा अन्यथा पुलिस कार्रवाई करेगी। किसान इस पर भी नहीं मानें तो सवा सात बजे पुलिस की ओर से पहले वाटर कैनन की बौछारें छोड़ी गई, जिसके साथ ही लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया। लाठीचार्ज में कई किसान घायल बताए जा रहे हैं। वहीं गुरनाम सिंह चढूनी सहित करीब 30 से ज्यादा किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया गया। लाठीचार्ज के दौरान पुलिस ने आसपास का बाजार भी बंद करवा दिया था।
चढूनी को पहले ही लाठचार्ज की आशंका हो गई थी, जिसके चलते उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर ऐसी कार्रवाई के विरोध में प्रदेश भर में जाम किए जाने का संदेश दिया था। ऐसे में जैसे ही लाठीचार्ज का गांवों में किसानों को पता चला तो पिहोवा के मुख्य चौक पर जाम लगा दिया। वहीं इस्माईलाबाद में नेशनल हाईवे 152 डी पर भी देर रात को जाम लगा दिया गया।
किसानों को सड़क पर जाने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से नौ डयूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे तो वहीं 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इसके बावजूद किसान हाईवे पर जाम लगाने में सफल रहे।
लाठीचार्ज के घटनाक्रम के बाद जायजा लेने के लिए अंबाला आईजी शिवास कविराज भी पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा लिया। वहीं खुफिया एजेंसियों के कर्मी भी पल-पल की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाते रहे।
जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार जनहित की सुविधा के लिए हाईवे से जाम खुलवाया गया है, जिसके बाद यातायात सुचारू कर दिया गया। जाम को खुलवाने के लिए प्रशासन की तरफ से किसानोंं को बार-बार अपील की गई और हाई कोर्ट के आदेशों का भी हवाला दिया गया, लेकिन किसानों ने जाम नहीं खोला। इससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मार्ग पर दूर-दूर तक वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। उपायुक्त ने कहा कि जब प्रशासन के पास कोई विकल्प नहीं रहा तो पुलिस बल का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ।
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि आमजन की सुविधा को लेकर हाईवे खुलवाना जरूरी था, जिसके लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। इसमें किसी को चोटें नहीं आई। गुरनाम सिंह चढूनी सहित चार से पांच किसानों को हिरासत में लिया गया है।
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