पानीपत। बारिश शुरू होते ही स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू-मलेरिया के लिए सर्वे तेज कर दिया है। प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की बनाई गई टीमें डोर-टू-डोर जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं और लोगों को जागरूक कर रही हैं। इसी के तहत शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कवि के गांव लोहारी, सुताना व अदियाना में स्वास्थ्य टीमों द्वारा रेपिड फीवर सर्वे किया गया। स्वास्थ्य टीमों द्वारा 850 घरों में जाकर डेंगू के लार्वा की जांच और पांच घरों में लार्वा मिलने पर मकान मालिकों को नोटिस देकर लार्वा खत्म कराया। सर्वे में बुखार के संदिग्ध 30 मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाई गईं।
स्वास्थ्य निरीक्षक रमेश सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग जुलाई माह को डेंगू-मलेरिया रोधी माह मना रहा है और इसी अभियान के तहत ग्रामीणों के लिए डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य टीमें घरों में जाकर पानी की टंकी, फ्रिज की ट्रे, कूलर, हौदी, ड्रम, छत पर पड़े कबाड़ में लार्वा की जांच कर रही हैं। डेंगू का लार्वा मिलने पर लार्वा को नष्ट किया जा रहा है। जिन लोगों के घरों में लार्वा मिलता है। स्वास्थ्य टीमों द्वारा संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर जागरूक किया जा रहा है। बुखार के संदिग्ध मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाई जा रही है। नुक्कड़ सभाओं के माध्यम सेलोगों को डेंगू मलेरिया बुखार से बचाव, उपचार, लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मी विजय सिंह ने बताया कि डेंगू मच्छर एडिज के काटने से होता है। ये मच्छर पानी में अपना जीवन चक्र पूरा करता है जिसके कारण सिर दर्द, उल्टी, जी मचलना और थकावट होती है। इसलिए लोगों को डेंगू, मलेरिया से बचाव के लिए अपने घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए और जमा पानी में काला तेल डालना चाहिए। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए। सप्ताह में एक दिन ड्राई दिन जरूर मनाना चाहिए। बुखार होने पर अपने रक्त की जांच किसी भी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर करवानी चाहिए क्योंकि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार संबंधी सारी जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मी राजेंद्र सिंह, विकास कुंडू, विजय कुमार व रीना देवी, अनीता, अनिल कुमारी व सुनीता देवी उपस्थित रहीं।