माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। किसान भवन के पंजीकरण को लेकर चल रहा विवाद शनिवार को प्रबुद्ध लोगों की पंचायत के बाद समाप्त हो गया। रविवार को प्रस्तावित किसान महापंचायत से एक दिन पहले शहर की सब्जी मंडी में हुई पंचायत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद किसान भवन का पंजीकरण रद्द कराने पर सहमति बन गई।
किसान भवन के प्रधान दिलबाग बिंझौल ने भी पंचायत के फैसले को स्वीकार कर लिया। इसके बाद रविवार को होने वाली महापंचायत स्थगित कर दी गई। शनिवार को हुई पंचायत में समाज के कई वरिष्ठ लोगों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
इनमें एडवोकेट सुरेंद्र अहलावत, धर्मेंद्र अहलावत, जिला परिषद उपाध्यक्ष आर्य सुरेश मलिक, शिक्षाविद् बिजेंद्र पूनिया, जसमेर जस्सा कादियान और रणबीर गुलिया शामिल रहे। पंचायत में किसान भवन के प्रधान दिलबाग बिंझौल और दूसरे पक्ष की ओर से भाकियू पानीपत के जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ व उपाध्यक्ष अनिल कादियान ने अपना पक्ष रखा। करीब एक घंटे तक चली चर्चा के बाद पंचायत ने किसानों और समाज के हित को देखते हुए किसान भवन का पंजीकरण रद्द कराने का निर्णय लिया। प्रधान दिलबाग बिंझौल ने पंचायत के सामने इस फैसले पर सहमति जताई और सोमवार से पंजीकरण रद्द कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।
पंजीकरण का था विवाद : भाकियू जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने आरोप लगाया था कि किसान भवन का पंजीकरण गुपचुप तरीके से एक निजी ट्रस्ट के नाम पर कराया गया था। वहीं दिलबाग बिंझौल ने कहा कि व्यवस्था बेहतर तरीके से चलाने के लिए पंजीकरण कराया गया था।