समालखा। भारतीय किसान यूनियन में चौधर का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। समालखा में वीरवार को एक बार फिर से किसान नेता सूरजभान रावल और साेनू मालपुरिया आमने-सामने आ गए। समालखा थाना प्रभारी फूल कुमार के हस्तक्षेप से किसानों का टकराव टल गया। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में मार्केट कमेटी के कर्मचारियों ने किसान भवन पर ताला लगा दिया है।
पानीपत किसान भवन से जुड़े जिला प्रधान सूरजभान रावल सैकड़ों किसानों के साथ जब समालखा अनाज मंडी स्थित किसान भवन में बैठक करने पहुंचे तो पूर्व जिला प्रधान एवं भाकियू (राकेश टिकैत) के प्रदेश महासचिव सोनू मालपुरिया के समर्थकों ने उन्हें बैठक करने से रोक दिया। पानीपत के किसान नेता समालखा के किसान भवन में रखे फर्नीचर व अन्य सामान पर अपना हक जताते हुए उठाने लगे तो आपस में झगड़े पर उतारू हो गए। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। समालखा थाना प्रभारी फूल कुमार ने पानीपत किसान भवन के नेताओं को ऐसा करने से रोका ओर उन्हें तीन दिन का समय दिया। एसएचओ ने किसान नेताओं को आश्वस्त किया कि वह तीन दिन में उनका सामान उठवा देंगे।
पानीपत किसान यूनियन के प्रधान सूरजभान रावल ने बताया कि समालखा ब्लाॅक अध्यक्ष काला महावटी के बुलावे पर किसान उत्तर प्रदेश के इकबालपुर शुगर मिल द्वारा 2017-18 के गन्ने के भुगतान के लिए किसान बैठक करने पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व प्रधान सोनू मालपुरिया के समर्थकों ने उन्हें बैठक करने से रोक दिया। जब वे पानीपत किसान भवन से लाए गए फर्नीचर, गैस व गद्दे आदि सामान को उठाने लगे तो सोनू के समर्थक झगड़े पर उतारू हो गए।
भारतीय किसान यूनियन (राकेश टिकैत) के प्रदेश महासचिव सोनू मालपुरिया ने आरोपों को सिरे से खारिज किया और बताया कि वे आज भाकियू के अध्यक्ष नरेश टिकैत के साथ हांसी बैठक में गए हुए थे। सारा मामला राकेश टिकैत के संज्ञान में लाया गया है। जल्दी ही किसानों के साथ बैठक करके आगे की रणनीति बनाई जाएगी।