पानीपत। सहकारिता विभाग में आईसीडीपी के अलावा दूसरी योजनाओं का भी रिकॉर्ड खुर्दबुर्द है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने विभाग से रिकॉर्ड मांगा तो अधिकारियों ने अपने हाथ खड़े कर दिए। अब विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से सहायक रजिस्ट्रार तक दोबारा रिकॉर्ड तैयार करने में लगे हैं। रिकॉर्ड बनाने के बाद इसकी फिजिकल वेरिफिकेशन और ऑडिट रिपोर्ट कराने की भी तैयारी है। इधर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रिकॉर्ड को लेकर वीरवार को भी अधिकारियों से जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार सहायक रजिस्ट्रार डॉ. रामकुमार के कार्यकाल के दौरान आईसीडीपी योजना में पानीपत में करोड़ों की खरीदारी की गई थी। एसीबी के अधिकारियों के अनुसार उन्होंने पूछताछ में भी आरोपों को कबूल लिया है। वे पानीपत में 21 जून 2021 से नौ मई 2022 तक सहायक रजिस्ट्रार रहे थे। अनु कौशिश 16 अगस्त 2022 से 12 मई 2023 तक रहे हैं। पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने पैक्स में सामान पहुंचने तक की रिपोर्ट नहीं ली और संबंधित कंपनी को पेमेंट कर दी। इसमें सोलर सिस्टम से लेकर लकड़ी के रैक और एंटी फायर फाइटिंग सिलेंडर तक खरीदे गए थे।
रिकॉर्ड मांगा तो अधिकारी खुर्दबुर्द कर दिया
एंटी करप्शन ब्यूरो से रिकॉर्ड तलब किया तो अधिकारियों ने अनु कौशिश और डॉ. रामकुमार के कार्यकाल का कोई रिकॉर्ड न होने की जानकारी दी। अधिकारियों ने इनके कार्यकाल का आईसीडीपी के अलावा दूसरा रिकॉर्ड मांगा तो अधिकारियों ने उससे भी इनकार कर दिया।
अधिकारी रिकॉर्ड जोड़ने में जुटे
आईसीडीपी व दूसरी योजनाओं का रिकॉर्ड एक सप्ताह में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। इसके लिए पैक्स प्रबंधकों और अन्य अधिकारियों से सभी योजनाओं की बैंक स्टेटमेंट मांगी है। इसके साथ पैक्स के सामान की फिजिकल वेरिफिकेशन की जाएगी। इन सबके मिलान के बाद इसकी ऑडिट की जाएगी। फिलहाल आईसीडीपी योजना के रिकॉर्ड पर फोकस रखा जाएगा।