पानीपत में खादी मिशन हरियाणा सरकार की खादी मार्क योजना के विरोध में उतर आया है और इसको खादी के लिए घातक बताया है।
मिशन ने इसके विरोध में 29 और 30 नवंबर को खादी संस्थाओं को बंद करने और 30 नवंबर को सामूहिक चरखा कातनेे का फैसला लिया।
यह जानकारी खादी मिशन हरियाणा के सचिव आनंद कुमार शरण ने दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने खादी मार्क योजना को विरोध के बीच भी पास कर दिया। इसके तहत खादी को निजी क्षेत्र के अधीन दिया जाएगा। सरकार की मंशा खादी को बाजारी बनाने का है।
जो खादी का अपमान है और वे इसको सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि संस्थाओं को मिले ऋण से अधिक कीमत की रजिस्ट्री खादी ग्रामोद्योग आयोग के पास रखी हुई हैं। संस्था इन रजिस्ट्रियों को वापस देने की मांग कर रही है।
इससे संस्था अपनी संपत्ति का विक्रय कर कार्यकारी पूंजी की व्यवस्था कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी संस्थाएं 29 नवंबर को अपने बिक्री व उत्पादन केंद्रों को बंद रखेंगे और 30 नवंबर की सुबह साढ़े 11 बजे सामूहिक चरखा कताई किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के समय खादी को अपनाने पर जोर दिया था और पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसको आजादी की वर्दी बताया था। उन्होंने बताया कि खादी मिशन द्वारा केंद्र सरकार व खादी ग्रामोद्योग आयोग को कई बार ज्ञापन दे चुकी है, लेकिन उनकी मांगों को लागू करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
खादी मिशन की मांग है कि खादी ग्रामोद्योगी संस्थाओं के 832.65 करोड़ रुपये कर्ज को माफ किया जाएं।