गरीबों को दिए जाने वाले केरोसिन तेल पर अमीर लोग डाका डाल रहे हैं। यह डाका दिनदहाड़े डाला जा रहा है। इस सब से खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अनजान बने हुए हैं। अमर उजाला ने डीएफएससी से बात कर उनसे इसका वीडियो और फोटो होने का दावा किया, तब उन्होंने इसे स्वीकार किया और पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
सरकार पीले और गुलाबी राशन कार्डधारकों को हर माह केरासिन देती है। उन्हें केरोसिन संबंधित राशन डिपो से मिलता है। इसकी व्यवस्था जिला प्रशासन करता है। इसके बावजूद गरीबों के हिस्से का केरोसिन बीच रास्ते में ही अमीरों के पास चला जाता है। अमर उजाला ने हाली पार्क के नजदीक मुख्य डाकघर के सामने टैंकर से केरोसिन चोरी करते कुछ लोगों को कैमरे में कैद किया।
ऐसे चला केरोसिन चोरी का खेल
मुख्य डाकघर के सामने केरोसिन की एक गाड़ी प्रात: करीब 11 आकर रुकती है। वहां पर पहले से ही बाइक सवार कुछ लोग बैठे थे। टैंकर चालक एक लंबा पाइप निकालकर कर बाहर लाया, तो बाइक सवार दो व्यक्ति आगे आ गए। तीनों व्यक्तियों के बीच पहले कुछ बात हुई, फिर चालक ने टैंकर से एक बाल्टी और एक बड़ी कीप निकाली। पाइप की सहायता से टैंकर से केरोसिन बाल्टी में निकाला और कीप की सहायता से ड्रम को केरोसिन से भर दिया। करीब आधे घंटे में ही ड्रम केरोसिन से भर गया। इसके बाद टैंकर चालक ने पाइप, बाल्टी टैंकर में रखीं और चला गया। उसके बाद एक अन्य बाइक सवार ड्रम के पास निकला और वहां पर खड़े एक व्यक्ति ने आवाज देकर तेल के बारे में बताया। इसके बाद बाइक सवार एक रिक्शा वाले को बुलाकर लगाया। सभी ने मिलकर ड्रम को रिक्शे में रखवा दिया और उसे लेकर असंध पुल की तरफ चले गए।
राशन डिपो पर पहुंचता है कम तेल
टैंकर से केरोसिन का तेल बीच रास्ते दिनदिहाड़े चोरी हो जाने के कारण राशन डिपो चालकों को यह कम मिलता है। इससे पात्रों को भी केरोसिन नहीं मिल पाता।
टैंकर से केरोसिन चोरी करना गंभीर विषय है। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। यदि केरोसिन चोरी किया गया है तो संबंधि टैंकर चालक और संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंजुला दहिया, नियंत्रक, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रिक पानीपत।