अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर रोकने का दावा करती, लेकिन लघु सचिवालय स्थित तहसील कार्यालय में ये दावे हवा हो जाते हैं। प्रथम मंजिल पर तहसीलदार के कार्यालय के साथ लगते कानूनगो के कार्यालय में सरकारी कर्मचारी तो कम दिखते हैं और बाहरी लोगों की भीड़ लगी रहती है। ये लोग सरकारी दस्तावेजों तक आसानी से पहुंच जाते हैं। मंगलवार को मीडियाकर्मी वहां पहुंचे तो इन लोगों में भगदड़ मच गई।
तहसील कार्यालय में बाहरी लोगों की अलमारियों में रखे अहम दस्तावेजों तक पहुंच हैं। ये सब वहां कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के सामने होता है। मंगलवार सुबह मीडिया कर्मी तहसीलदार कार्यालय के साथ लगते कमरे में पहुंचे तो करीब छह लोग वहां पर दस्तावेजों को खंगालने में लगे थे। कुछ लोग अलमारी से कागज निकालकर उसकी जांच तक कर रहे थे। ये बाहरी लोग सामान्य लोगों से ऐसे पेश आ रहे थे, जैसे वे ही सरकारी कर्मचारी हों। उनसे इस बारे में पूछा गया तो वे कुर्सियां छोड़कर चले गए। ये सब वहां मौजूद अधिकारी के सामने हो रहा था। मामला खुलते देख कर्मी भी वहां खिसक गया। इस बारे में तहसीलदार योगेश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ये मामला उनकी जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा है तो यह कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों की जिम्मेदारी दस्तावेजों की देखरेख की है। वे स्वयं औचक निरीक्षण करेंगे और पकड़े जाने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील जमीनी दस्तावेज नहीं है सुरक्षित
बाहरी लोगों की पहुंच जमीनों के संवेदनशील दस्तावेजों तक है। बताया जा रहा है कि ये बाहरी लोग सरकारी दस्तावेजों की जानकारियां कार्यालय से निकालकर अन्य लोगों तक पहुंचा देते हैं। इसके बदले उन्हें मोटी रकम मिलती है। ऐसा भी देखने को मिला है भूमाफिया इन जानकारियों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं।