माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। सड़क हादसे के मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने दोषी किशोर को तीन माह तक यातायात पुलिस के साथ ड्यूटी करने की सजा सुनाई है। इस दौरान किशोर यातायात पुलिस के साथ रहकर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी हासिल करेगा और लोगों को भी नियमों के प्रति जागरूक करेगा।
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिंबा ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। बोर्ड ने अभिभावकों से नाबालिग बच्चों को वाहन न देने की अपील भी की है।
असंध रोड पर मारी थी टक्कर : वर्ष 2024 में मॉडल टाउन थाना क्षेत्र के असंध रोड पर रात करीब आठ बजे ड्यूटी से लौट रहे दत्ता कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति को कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में मॉडल टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हादसे के समय कार चला रहे किशोर की उम्र 17 वर्ष थी। नाबालिग होने के कारण मामले की सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में हुई।
सुनवाई के दौरान बोर्ड ने किशोर को सड़क हादसे का दोषी माना। बोर्ड ने सजा के तौर पर उसे तीन माह तक यातायात पुलिस के साथ ड्यूटी करने के आदेश दिए। इस दौरान वह यातायात नियमों को समझने के साथ उनके पालन का महत्व भी जानेगा।
नियमों की अनदेखी हादसों की बड़ी वजह
बोर्ड ने कहा कि सड़क हादसे केवल एक क्षण की लापरवाही का परिणाम नहीं होते। इनके पीछे यातायात नियमों की अनदेखी, तेज रफ्तार, बिना लाइसेंस वाहन चलाना और उम्र से पहले वाहन चलाने जैसी गंभीर वजहें भी होती हैं। जब ऐसी गलती किसी नाबालिग से होती है तो मामला और अधिक संवेदनशील हो जाता है। प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिंबा ने बताया कि बोर्ड ने नाबालिग को केवल दंडित करने के बजाय उसे यातायात नियमों के पालन की सीख और जिम्मेदारी से जोड़ने का निर्णय लिया है। तीन माह तक यातायात पुलिस के साथ ड्यूटी करने से उसे सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा।
वाहन चलाना बड़ी जिम्मेदारी : बोर्ड
फैसला सुनाते हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। बच्चों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की पूरी जानकारी दें। बोर्ड ने कहा कि यातायात नियम केवल कानूनी प्रावधान नहीं हैं, बल्कि चालक और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जिंदगी की सुरक्षा से जुड़े हैं। बोर्ड ने कहा कि नाबालिग से हुई दुर्घटना यह भी याद दिलाती है कि सड़क पर वाहन चलाना केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है।