समालखा। जिला मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर आबाद झट्टीपुर गांव देश विदेश में डिजिटल गांव के नाम से जाना जाता है। गांव को डिजिटल इसलिए कहा जाता है, क्योंकि वाईफाई से लैस यह गांव पूरी तरह कैशलेस है। गलियों एवं चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। स्वच्छता और हरियाली में इस गांव का सानी नहीं। हर पेड़ की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाए गए हैं। गांव की स्वच्छता से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री मनोहरलाल निवर्तमान सरपंच अशोक कुमार को सम्मानित भी कर चुके हैं। गांव की मौजूदा आबादी लगभग छह हजार है।
गांव की सड़कों को जीपीएस मैपिंग के बाद बनाया गया है। जीपीएस मैपिंग के जरिये गलियों और नालियों को इस तरह बनाया गया कि कहीं भी पानी नहीं ठहरे। झट्टीपुर के हर ग्रामीण का बैंक खाता है। सभी को पता है कि ऑनलाइन भुगतान किस तरह किया जाता है। गांव को डिजिटल बनाने में निवर्तमान सरपंच अशोक कुमार का खास योगदान रहा। उन्होंने लोगों को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया। ऑनलाइन बैंकिंग के लिए कई दिनों तक प्रशिक्षण दिलाया। यही वजह है कि गांव ने पूरे प्रदेश के लिए नजीर पेश की।