पानीपत। एडीजे की कोर्ट ने रिश्वत के आरोप में जिला नगर योजनाकार विभाग के दो जेई को दो-दो साल कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा दी है। दोनों ने एक व्यवसायी से एनओसी देने के नाम पर 30 हजार रुपये की रिश्वत ली थी।
मामला तीन नवंबर 2010 का है। ईश्वर चंद निवासी मतलौडा की शिकायत पर विजिलेंस पानीपत ने डीटीपी पानीपत के जेई केवल कुमार शर्मा और गजे सिंह को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया था। उन्होंने एक तीसरे जेई के नाम पर भी रिश्वत की यह राशि ली थी। विजिलेंस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
ईश्वर चंद ने विजिलेंस को दी शिकायत में कहा था कि उसका मतलौडा में राइस मिल है और उसको एक कंपनी बनानी थी। इसको लेकर डीटीपी से एनओसी चाहिए थी। जिसमें तीन जेई को रिपोर्ट देनी होती है। उसने एनओसी को लेकर काफी प्रयास किए, लेकिन वह सफल नहीं हो सका।
उसने आरोप लगाया कि डीटीपी के जेई केवल कुमार शर्मा और गजे सिंह समेत तीनों जेई ने 30 हजार रुपये लेने की कही। विजिलेंस की टीम ने उसको पाउडर लगाकर 30 हजार रुपये दे दिए। ईश्वर चंद ने उनको लालबत्ती स्थित अपनी दुकान पर बुला लिया।
यहां पर जेई केवल कुमार शर्मा व गजे सिंह पहुंच गए। ईश्वर चंद ने उनको रकम थमा दी। विजिलेंस टीम ने केवल कुमार को 20 हजार और गजे सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत के साथ काबू कर लिया। एडीजे डॉ. सुशील कुमार गर्ग की कोर्ट ने जेई केवल कुमार शर्मा और गजे सिंह को दोषी करार देते हुए दो-दो साल कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी।