पानीपत। नीरज चोपड़ा के गांव खंडरा में पहला जैवलिन थ्रो दिवस के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता का शुभ?
- फोटो : Panipat
पानीपत। टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के गांव खंडरा में शुक्रवार को जेवलिन थ्रो दिवस मनाया गया है। यह पहला जेवलिन थ्रो दिवस रहा, जो अब हर वर्ष मनाया जाएगा। यह पहल गांव खंडरा वासियों, एथलेटिक कोच और युवाओं ने की है। इस मौके पर आयोजित चैंपियनशिप में युवाओं ने भाला फेंक प्रतियोगिता में भाग लिया।
पानीपत के खंडरा गांव निवासी नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो में ओलंपिक में गोल्ड जीतकर न सिर्फ इतिहास रच दिया, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणाश्रोत बने। इसके बाद विश्व चैंपियनशिप में भी नीरज ने रजत पदक जीता। यही कारण है कि अब उनके गांव में ग्रामीणों ने जेवलिन थ्रो दिवस मनाने की निर्णय लिया है। इसके तहत शुक्रवार को पहली बार किए गए आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाला पकड़ा है। इसी बीच नीरज के पिता सतीश चोपड़ा ने भी भाला फेंक कर युवाओं को प्रोत्साहित किया।
हाई जंप के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी 80 वर्ष के इंद्र सिंह ने भी भाला फेंका। प्रतियोगिता में 11 साल के विवेक से लेकर 18 वर्षीय सागर ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में पानीपत और करनाल के खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसी के साथ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इंद्र सिंह कादयान, एशियन जेवलिन थ्रो मेडलिस्ट गुलशन शर्मा, नेशनल जेवलिन थ्रो विजेता कृष्ण मिटान, आयोजन के मुख्य सहयोगी जैवलिन कोच जितेंद्र जागलान और कर्मवीर चोपड़ा मौजूद रहे।
- खराब मौसम के कारण खिलाड़ी कर पाए स्टैंडिंग थ्रो
खराब मौसम होने के बावजूद चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में खिलाड़ी गांव खंडरा पहुंचे। तेज बारिश से ग्राउंड में पानी भरा होने के कारण खिलाड़ियों ने खड़े होकर ही भाला फेंका। खड़े होकर भाला फेंकने से भाला ज्यादा दूर नहीं जाता है। फिर भी स्टैंडिंग थ्रो में सर्वश्रेष्ठ 42 मीटर तक भाला फेंका गया।
- हर साल खंडरा वासी मनाएंगे इसी तरह जेवलिन थ्रो दिवस
खंडरा वासियों ने निर्णय लिया कि वह हर साल पांच अगस्त को ही जेवलिन थ्रो दिवस मनाएंगे। गांव वासियों का कहना है कि वह अपने क्षेत्र के युवाओं को खेल में डालना चाहते हैं। नीरज के पिता सतीश ने कहा कि गांव के युवाओं में काफी बदलाव आ रहा है अधिकतर खिलाड़ी जेवलिन थ्रो का अभ्यास कर रहे हैं। शाम को संस्कृति स्कूल में जेवलिन थ्रो का अभ्यास करते हैं।
प्रतियोगिता का परिणाम :
ब्वॉयज :
अंडर-14
रियांश स्वर्ण
दक्ष रजत
विवेक कांस्य
अंडर-16
नितिन स्वर्ण
सागर रजत
शुभम कांस्य
अंडर- 18
युवराज स्वर्ण
आर्यन रजत
यश कांस्य
अंडर-20
रोमित स्वर्ण
मनिंद्र रजत
गर्ल्स :
अंडर-14
दिव्या स्वर्ण
पलक रजत
दीपांशु कांस्य
अंडर- 16
अंशिका स्वर्ण
सलोनी रजत
नैंसी कांस्य
अंडर-20
दीपिका स्वर्ण
रिंकु रजत
अंडर- 18
गुंजन स्वर्ण
नैंसी रजत
नीलम कांस्य
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