पानीपत। पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करने व कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगवाने के आरोपी दो साथियों को बृहस्पतिवार को नवीन जयहिंद बेड़ियों में बांधकर शहर थाने लेकर पहुंचे। दोनों साथियों नवीन मलिक व जोगेंद्र को उन्होंने पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उनसे बेड़ियों में लाने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि पुलिस के पास इतने पैसे व वाहन नहीं हैं कि वह दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले आते। उन्होंने पुलिस का काम आसान कर दिया है। पुलिस दोनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करेगी।
जयहिंद ने कहा कि सरकार उनकी आवाज दबाना चाहती है। 2018 में भाईचारा यात्रा के दौरान उनके काफिले को रोका गया था। उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया था। वह इस केस में दो बार पानीपत एसपी से मिले। एसपी ने उन्हें जांच में निर्दोष माना और कोर्ट से जमानत मिल गई। अब पुलिस सरकार के दबाव में उनके साथियों को परेशान कर रही है। दोनों साथियों की गिरफ्तारी का दबाव बनाया जा रहा था। अब उनके साथी जेल में कैदियों की आवाज उठाएंगे। वहां भी अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे।
नवीन जयहिंद ने वर्ष 2018 में नशे के खिलाफ भाईचारा कांवड़ यात्रा निकाली थी। पानीपत पुलिस ने गाड़ियों की जांच कर कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। इन लोगों को उन्होेंने छुड़वा लिया था। इस दौरान पुलिस के साथ उनका विवाद हुआ था। जयहिंद ने गाड़ी का नंबर ट्रांसफर करने समेत सभी दस्तावेज पानीपत के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश किए थे।
अमित मलिक व जोगेंद्र पर पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है। इन पर केस भी दर्ज हैं। जिला कोर्ट ने इनकी जमानत याचिका खारिज की है। इन दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
- जाकिर हुसैन, प्रभारी, थाना शहर पुलिस।