पानीपत। नगर निगम से बाहर के क्षेत्र की 22 कॉलोनियों को वैध किया गया है। जिला नगर योजनाकार विभाग के अंतर्गत आने वाली इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद पूरी हो गई हैं। इनमें अधिकतर कॉलोनी मतलौडा व इसराना कस्बे की हैं। अब यहां रजिस्ट्री कराई जा सकेंगी। इससे सरकार का खजाना भी भरेगा। शहरी क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों के लोगों को अभी वैध में आने का इंतजार करना पड़ेगा। निगम ने ऐसी 67 कॉलोनियों का प्रस्ताव निदेशालय के पास भेजा हुआ है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बृहस्पतिवार को पानीपत समेत प्रदेशभर की 450 कॉलोनियों को वैध किया। इनमें जिला नगर योजनाकार विभाग के अंतर्गत की 239 और निकाय क्षेत्र के अंतर्गत की 211 कॉलोनियां हैं। पानीपत में जिला नगर योजनाकार विभाग के अंतर्गत आने वाली 22 कॉलोनियों को वैध किया गया है। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कॉलोनियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि जिला नगर योजनाकार विभाग ने पिछले दिनों इन कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव भेजा था। कॉलोनियों के वैध होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
कस्बों और आसपास की 22 कॉलोनियां वैध होने से सबसे बड़ा फायदा लोगों को होगा। उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। वे कॉलोनियों की रजिस्ट्री करा सकेंगे। रजिस्ट्री के आधार पर जरूरत पड़ने पर लोन ले सकेंगे। अब तक लोगों को मूलभूत सुविधाओं का अपने स्तर पर प्रबंध करना पड़ता था। हालांकि बिजली कनेक्शन जैसी सुविधा इनको मिल रही थी।
कॉलोनियों को वैध करने से लोगों के साथ सरकार को भी फायदा होगा। इन कॉलोनियों में अब कलेक्टर रेट के आधार पर रजिस्ट्री कराई जा सकेंगी। इससे सरकार के पास राजस्व आएगा। इस पैसे को सरकार विकास कार्यों पर खर्च कर सकेगी।
नगर निगम क्षेत्र की कोई कॉलोनी वैध नहीं की गई हैं। ये 22 कॉलोनी डीटीपी के अंतर्गत की हैं। निगम क्षेत्र की 67 कॉलोनियों काे वैध करने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
- प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।
रजिस्ट्री कराने के लिए निगम या डीटीपी से एनओसी जरूरी है। ऐसे में अवैध कॉलोनी में रजिस्ट्री नहीं हो सकती। वैध कॉलोनियों में लोग अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। इससे सरकार को भी राजस्व प्राप्त होगा।
- वीरेंद्र कुमार, तहसीलदार, पानीपत।