पानीपत/समालखा। सोमवार की देर रात बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। उधर, जीटी रोड पर ठप निकासी व्यवस्था ने शहर को जाम में फंसा दिया। सोमवार रात को हुई बारिश से सर्विस लेन पर जलभराव होने से गीता आश्रम से लेकर इंडस्ट्रियल एरिया तक करीब दो किलोमीटर लंबे जाम के कारण दिनभर वाहन रेंगते रहे। वहीं अनाज मंडी के गेट दो के पास तो कई दोपहिया सवार गड्ढों के कारण गंदे पानी में भी गिर गए। हाईवे पुलिस यातायात को दुरुस्त करने में लगी रही। उधर, दिल्ली से पंजाब जाते समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू समालखा में करीब दो से ढाई किलोमीटर लंबे जाम में फंस गए। नई अनाज मंडी के पास जलभराव के चलते सुबह से ही जाम लगा हुआ था। सिद्धू की सुरक्षा में लगे हुए कमांडो और पुलिसकर्मी किसी तरह उनकी गाड़ी को जाम से निकालकर आगे ले जाते हुए नजर आए।
सोमवार रात को हुई तेज बारिश के कारण जीटी रोड पर नई अनाज मंडी के गेट दो से इंडस्ट्रियल एरिया और पुराने बस अड्डे पर जलभराव हो गया। निकासी ठप होने के कारण वाहन धीमी गति से चल रहे थे। इसके कारण गीता आश्रम से इंडस्ट्रियल एरिया तक करीब दो किलोमीटर के एरिया में जाम की स्थिति बनी रही और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दिनभर यही स्थिति बनी रही और हाईवे पुलिस पुराने बस अड्डे, नई अनाज मंडी के पास यातायात को दुरुस्त कराने में लगी रही।
वहीं नई अनाज मंडी के पास रोड पर गड्ढे होने के कारण कई दोपहिया चालक गिरकर चोटिल हुए तो टैंपो, ऑटो भी पलटने से बचे। करीब दस दिन पहले हुई बारिश से भी इसी तरह के हालात बन गए थे। जीटी रोड पर चल रहे रोड चौड़ीकरण के कार्य के चलते निकासी ठप है और कोई वैक्लपिक व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या दोगुनी हो गई है। लोगों का कहना है कि मानूसन आने वाला है और अगर जल्द ही निकासी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। आरोप लगाया कि प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद भी वह आंख मूंदकर बैठा है।
मोती मंडी में भरा बरसात का पानी
इसराना। सोमवार की रात तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से इसराना की मोती मंडी में पानी भर गया। मोती मंडी में गंदे पानी की निकासी के लिए बनाई गई नाली काफी समय से गंदगी से अटी पड़ी है। जब भी बरसात होती है तो मोती मंडी तालाब का रूप ले लेती है। मंडी में रह रहे परिवारों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीण धर्मपाल जागलान, रमेश जैन, सुरेंद्र सिंह, प्रवीण कुमार, रामस्वरूप जागलान व रोहताश गोयल ने बताया कि मोती मंडी के गंदे पानी की निकासी के लिए गंदगी से अटी नाली को खुलवाने के लिए पंचायत एवं मार्केट कमेटी से भी कई बार गुहार लगा चुके हैं। दोनों एक दूसरे की जिम्मेदारी बता कर पल्ला झाड़ लेते हैं। मंडी में पानी जमा होने से फैली गंदगी से मंडी के लोगों का जीना दूभर हो गया है। बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने मंडी में गंदे पानी की निकासी के लिए बंद पड़ी नाली को खुलवाने के लिए उपायुक्त से गुहार लगाई है।