संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सेक्टर 13-17 में श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को दूसरा दिन रहा। कथा दोपहर तीन से शाम सात बजे तक चली। कथाव्यास आचार्य लालमणि महाराज ने बताया कि कुंती मां ने तीन चीजें मांगी। एक तो दुख, दूसरा मोह-ममता न रहे तीसरा मेरी बुद्धि प्रभु के चरणों में लगी रहे।
पितामह भीष्म ने अपनी बुद्धि को गोविंद प्रभु के चरणों में अर्पित कर प्राण त्याग दिए। पांडवों ने जब सुना जब भगवान का अपने धाम में चले गए हैं तो पांडवों ने द्रोपदी को लेकर स्वर्गारोहण किया। कथा हमें संदेश देती है कि नियम पक्का करके लक्ष्य की प्राप्ति करनी चाहिए। नियम पक्का होने से लक्ष्य की प्राप्ति अवश्य होती है। तायल परिवार के सदस्य ने बताया कि 17 सितंबर बुधवार को कृष्ण जन्मोत्सव, 19 को रुक्मिणी विवाह और 21 को हवन व प्रसाद कार्यक्रम किया जाएगा।