- राजाखेड़ी गांव स्थित जैन स्थानक में रोहित मुनि ने किए प्रवचन
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जैन मुनि रोहित मुनि महाराज ने कहा कि भावना और श्रद्धा से पुण्य का उपार्जन होता है। ऐसे में व्यक्ति के मन में भावना और श्रद्धा दोनों का होना जरूरी है। उन्होंने ये उद्गार शनिवार को राजाखेड़ी गांव स्थित जैन स्थानक में कहे। रोहित मुनि ने प्रवचन की शुरूआत गीत की पंक्तियों- जीवन सुंदर-सुंदर हो, लहराता गुण सागर हो। जैसा दिखता बाहर हो, वैसा ही अंदर हो... के साथ शुरू की। उन्होंने कहा कि नमस्कार का जीवन में बहुत महत्व है। जब भी संतों के पास आएं तो भावों में सरलता होनी चाहिए। भावना व श्रद्धा से जो नमस्कार करता है इससे कर्मों की भी निर्झरता होती है।
उन्होंने श्रावकों को कहा कि आप सभी अपने साथ अपने बच्चों को भी साथ लेकर आएं ताकि उनमें अच्छे संस्कार पड़ जाएं। जीवन में अकड़ रूपी हवा निकाल लेने से जीवन बहुत अच्छा चलेगा। आज के समय में जिंदगी में आग लगाने वाले ज्यादा मिलेंगे। उन लोगों से मिलना जिनके विचार अच्छे हों। इससे पूर्व श्रेयांस मुनि महाराज ने कहा कि पहला काम सामयिक का है। भगवान का सुमिरन करते समय दुनिया के विषय में न सोचें। हमें प्रतिक्रमण करना चाहिए अर्थात कोई दोष लगा हो तो माफी मांग लो। किसी दोष को खुद छोड़ देना प्रतिक्रमण है।
हमें देखना है कि हम दोधारी जिंदगी तो नहीं जी रहे हैं। हमें सरल व सहज जिदगी जीने का प्रयास करना चाहिए। श्रीएस एस जैन सभा राजाखेड़ी के महामंत्री सुनील जैन ने बताया कि राजाखेड़ी में घर घर नवकार महामंत्र के अखंड जाप चल रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को युवा दिवस के अंतर्गत नशा मुक्त युवा कैसा होता है? विषय पर प्रवचन होगा।