पानीपत। टेक्सटाइल के उद्यमियों को कॉमन बॉयलर की दरकार है। इसके लिए उद्यमी पिछले छह साल से संघर्ष कर रहे हैं। तीन बार मुख्यमंत्री से औद्योगिक संगठन इस बाबत मिल चुके हैं। विधायक प्रमोद विज व विधायक महिपाल ढांडा विधानसभा सत्र में इसकी मांग उठा चुके हैं। हर बार मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री की ओर से इस संबंध में आश्वासन ही मिला है। मंगलवार को भी विधायक प्रमोद विज ने विधानसभा में कॉमन बॉयलर की मांग उठाई। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने जल्द कॉमन बॉयलर का काम शुरू होने का आश्वासन दिया।
उद्यमियों को सरकार से कॉमन बॉयलर की उम्मीद बंधी है। इसके अलावा उद्यमी लगातार जीरो लिक्वेड डिस्चार्ज प्रोजेक्ट की मांग भी कर रहे हैं। ये एक हजार करोड़ का प्रोजेक्ट है। इससे उद्योगों को पानी मिलेगा। उद्योगों से पानी दोबारा जेडएलडी में जाएगा। वहां से ट्रीट होकर दोबारा उद्योगों में आएगा। ऐसे में भूजल का दोहन बचेगा उद्यमियों को जल्द कॉमन बॉयलर की सौगात मिलेगी। कॉमन बॉयलर लगने से शहर को प्रदूषण से राहत मिलेगी। गुजरात की स्टीम हाउस कंपनी को यहां कॉमन बॉयलर लगाने का ठेका मिला है। इसके लिए सेक्टर 29 पार्ट टू में 30 एकड़ भूमि कॉमन बॉयलर के लिए चिह्नित की जा चुकी है। प्रोजेक्ट के अनुसार 80-80 टन के तीन बॉयलर लगेंगे। अब एचएसआईआईडी ने कॉमन बॉयलर की रिपोर्ट प्रक्रिया जांचने के लिए ईपीएमजी एजेंसी को भी हायर किया है।
ये एजेंसी फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार कर रही है। कैसे उद्योगों को बॉयलर से स्टीम मिलेगी। कहां कहां से उद्यमियों को कनेक्शन देने हैं। इन तमाम मुद्दों पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। कॉमन बॉयलर की लागत 1300 से 1500 करोड़ के आसपास आएगी। कॉमन बॉयलर से सभी डाई उद्योगों को पाइप लाइन के जरिये भाप दी जाएगी। सेक्टर-29-पार्ट-2 की 350 डाई यूनिट और आसपास की 50 फैक्टरियों को जोड़ा जा सकेगा।
उद्यमियों पर लगातार सीएक्यूएम की मार पड़ रही है। सीएक्यूएम ने उद्यमियों व पीएनजी का कनेक्शन लेने व बॉयलर को बायोमास पर शिफ्ट करने के लिए बाध्य किया है। यह उद्यमियों को महंगा पड़ रहा है। अब एक कॉमन बॉयलर लगेगा। पूरे इंडस्ट्री को एक बॉयलर से ही स्टीम मिलेगी। उद्यमियों को पीएनजी व बायोमास से छुटकारा मिलेगा।
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कॉमन बॉयलर से उद्योगों को मिलेगी गति
उद्यमियों की सबसे बड़ी मांग कॉमन बॉयलर की है। इसके लिए उद्यमियों के साथ साथ विधायक भी संघर्ष कर रहे हैं। कॉमन बॉयलर की सौगात मिलने पर प्रदूषण पर अंकुश लगेगा। एक ही बॉयलर से सभी उद्योगों को स्टीम दी जाएगी। उद्योगों को गति मिलेगी।
नितिन अरोड़ा, प्रधान पानीपत डायर्स एसोसिएशन
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उद्यमियों को जल्द कॉमन बॉयलर की सौगात मिलेगी
सरकार उद्यमियों की मांगों पर गंभीर है। कॉमन बॉयलर की मांग पहले भी उठाई गई थी। ये उद्यमियों की सबसे बड़ी जरूरत है। हर साल अक्टूबर व नवंबर माह में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मार उद्योगों पर पड़ती है। प्रदूषण के कारण उद्योगों को बंद कर दिया जाता है। कॉमन बॉयलर के प्रोजेक्ट से उद्योगों को गति मिलेगी। इसके लिए सरकार काम कर रही है।
प्रमोद विज, विधायक पानीपत शहरी
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सरकार जल्द मंजूरी देगी
उद्योगपतियों की समस्याओं को हर मंच पर लगातार रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल इसको लेकर गंभीर हैं। कॉन बॉयलर और जेडएलडी का बड़ा प्रोजेक्ट है। उद्यमियों के साथ भी इसको लेकर कई बार बैठक की है। कॉमन बॉयलर लगने के बाद उद्योग चलाना आसान होगा और पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा। सरकार इनको जल्द ही मंजूरी देगी
महिपाल ढांडा, विधायक पानीपत ग्रामीण।