पानीपत। सीआईए-1 के पूर्व प्रभारी संदीप पर ढाई करोड़ रुपये की जमीन 80 लाख रुपये में खरीदने और फोन पर धमकी देने के मामले में नया मोड़ आया है। डीएसपी की जांच में जमीन खरीद-फरोख्त होना सामने नहीं आया है। जांच अधिकारी ने जमीन के मालिक के बयान दर्ज किए और तहसील से भी रिकॉर्ड निकाल कर जांच की। हालांकि, फोन पर धमकी देने के मामले में उन्हें क्लीनचिट नहीं मिली।
जांच अधिकारी ने माना है कि फोन पर धमकी देने से पुलिस की छवि धूमिल हुई है। सनौली थाना क्षेत्र के नंगला पार निवासी रामफल ने सीआईए-1 के पूर्व प्रभारी संदीप पर ढाई करोड़ रुपये की जमीन 80 लाख रुपये में खरीदने और बेटे को फोन पर धमकी देने के आरोप लगाते हुए एसपी को प्रार्थनापत्र सौंपा था। जिसके बाद एसपी ने मामले की जांच डीएसपी नवीन संधू को सौंपी थी।
डीएसपी ने इस मामले मामले में अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की। डीएसपी नवीन संधू ने बताया कि उन्होंने शिकायतकर्ता के भाई के बयान दर्ज किए और तहसील से भी जमीन का रिकॉर्ड निकलवाया। जमीन के मालिक ने जमीन बेचने से स्पष्ट इन्कार कर दिया। तहसील से भी जमीन की बिक्री होने का कोई सबूत नहीं मिला। ब्यूरो