पानीपत। आरिफ हत्याकांड को हादसा दिखाने के मामले में एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस इंस्पेक्टर और जांच अधिकारी के साथ चारों दलालों के बीच गठजोड़ इसकी मुख्य कड़ी है। पुलिस इस कड़ी की बारीकी से जांच कर रही है। इस चेन में इससे पहले के मुकदमों की भी कुंडली खंगाली जाएगी। ऐसे में दोनों अधिकारियों के साथ दलालों की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं पुलिस इस मामले में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से भी प्रथम दृष्टया मौत के कारणों के बारे में जानेगी। इसको लेकर एसआईटी के सभी अधिकारी अलग-अलग एंगल पर काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 18 दिसंबर को भारत नगर निवासी आरिफ की हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने राजू उर्फ चौटाला निवासी विद्यानंद कॉलोनी, सुकरमपाल निवासी गांव दीवाना, हरमन उर्फ हरजिंद्र और बलजीत उर्फ भोलू निवासी तहसील कैंप पर हत्या का आरोप लगाया था। थाना चांदनी बाग के जांच अधिकारी एएसआई सतीश कुमार ने इस मामले में परिजनों के बयानों को अनदेखा कर दिया था। आरोप है कि उल्टा आरोपियों का बचाव कर पीड़ितों से समझौता के कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए थे।
आरोप है कि जांच अधिकारी एएसआई सतीश कुमार ने थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कर्मबीर के साथ मिलकर दलालों के माध्यम हत्या के मामले को हादसा दिखाने का लाखों में सौदा कर लिया। इस मामले में सीढि़यों से गिरने की कहानी बनाकर 174 की कार्रवाई कर दी गई। परिजन उस समय पुलिस व बदमाशों के डर से चुप रहे। वे इसके बाद खुलकर सामने आए और आरिफ की हत्या के आरोप लगाए। एसपी अजीत सिंह शेखावत ने इस मामले की एएसपी मयंक मिश्रा की अगुवाई में जांच कराई। जिसमें यह तथ्य सामने आए कि जांच अधिकारी एएसआई सतीश कुमार और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कर्मबीर ने दलाल राजेश मलिक निवासी उग्रा खेड़ी, अनिल मदान निवासी सेक्टर-15 सोनीपत, अनूप उर्फ भांजा उग्रा खेड़ी, इशांत उर्फ इशु न्यू रमेश नगर के माध्यम से लाखों रुपये लिए थे।
पीड़ित परिवार को एंबुलेंस व अन्य खर्च के 50 हजार रुपये दिए थे। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने उनको पसली में चोट लगना मौत का कारण बताया था, लेकिन इंस्पेक्टर कर्मबीर जींद और एएसआई सतीश ने इनको अनदेखा कर दिया था।
वर्जन :
पुलिस अधिकारियों और दलालों की चेन के बारे में पता लगाया जा रहा है। इनसे थानों में पुराने मामलों को भी देखा जाएगा। इसमें पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से भी जानकारी ली जाएगी। एसआईटी मामले की जल्द ही जांच रिपोर्ट देगी। इसमें सब स्पष्ट हो जाएगा।
अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक, पानीपत।