संवाद न्यूज एजेंसी
मतलौडा। कृषि विभाग ने सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत वीरवार को जिले के चार गांवों में जागरूक कार्यक्रम किए। मुख्य कार्यक्रम नौहरा गांव में किया गया। इसके साथ पावटी, बुआना लाखू और गढ़ी भल्लौर में भी कार्यक्रम किए। इस दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेती की नई तकनीकी की जानकारी दी। इसके अलावा किसानों को फसल अवशेष को आग लगाने की बजाय प्रबंधन करने की सलाह दी।
उप निदेशक (कृषि) डॉ. आत्मा राम गोदारा ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन करने वाले किसानों को विभाग की ओर से 1200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। ऐसे में किसानों को आगे आकर फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाना चाहिए। उन्होंने किसानों को नवीनतम कृषि पद्धतियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। खंड कृषि अधिकारी मतलौडा डॉ. बिजेंदर सिंह ने किसानों को विभागीय योजनाओं के लाभों से अवगत कराया और विशेष रूप से फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर दिया। उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने किसानों से अपील की कि वे फसल कटाई के बाद खेतों में आग की घटनाओं से बचें और पराली का प्रबंधन इन सीटू और एक्स सीटू तरीके से करें। फसल अवशेष जलाने के हानिकारक प्रभावों और एनजीटी के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।