माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। करीब 100 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक कारोबार वाले पानीपत में उद्यमी आज भी बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं।
उद्योग लगाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में एनओसी व फाइलों की लंबी प्रक्रिया भी परेशानी का कारण बनी हुई है। उद्यमियों ने अधिकारियों पर फाइलें रोकने, योजनाओं का लाभ न देने और प्रदूषण संबंधी कार्रवाई में सख्ती बरतने के आरोप लगाए।
जिमखाना क्लब में बुधवार को हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स और पानीपत एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन की ओर से जिला स्तरीय औद्योगिक समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्यमियों की समस्याओं का तय समय-सीमा में प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि उद्योग जिले की अर्थव्यवस्था और रोजगार की रीढ़ हैं, इसलिए लालफीताशाही बर्दाश्त नहीं होगी। बैठक में एचएसवीपी का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इस पर डीसी ने फोन पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
एचएसआईआईडीसी के एईओ दीपक को भी सेक्टरों में काम नहीं होने पर फटकार लगाई गई। उद्यमियों ने सेक्टरों में स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने सफाई, सीवरेज और सड़कों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई और स्ट्रीट लाइट की बदहाली पर भी डीसी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं निरीक्षण किया है और स्थिति खराब है। अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, नगराधीश टीनू पोसवाल, निगम संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी, राजेंद्र खुराना, विभु पालीवाल और राजीव अग्रवाल मौजूद रहे।
हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने आरोप लगाया कि एमएसएमई में फंड होने के बावजूद योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा।
रिसालू रोड एसोसिएशन के प्रधान मोहन लाल गर्ग ने बताया कि रिसालू रोड और औद्योगिक सेक्टरों में सीवरेज व नाले का पानी सड़कों पर भर रहा है।
भीम राणा ने प्रदूषण बोर्ड की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटी-छोटी कमियों पर उद्योगों पर छापा मारकर कभी कार्रवाई और कभी सीलिंग की जाती है।
सेक्टर-29-1 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने एमएसएमई अधिकारियों के कार्यालय में उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने एसटीपी का शोधित पानी उपलब्ध कराने, जेएलएलडी और कॉमन बॉयलर की मांग रखी। यस के चेयरमैन रजत ग्रोवर ने अमेरिका-ईरान तनाव से मैन-मेड फाइबर की कीमतें बढ़ने का मुद्दा उठाया और लंबित फ्रेट सब्सिडी जारी करने की मांग की। संस्थापक चेयरमैन रमन छाबड़ा ने नई औद्योगिक नीति के साथ सेक्टर-29 में अंधेरे और सीवरेज की समस्या रखी।
हर इंडस्ट्री की अपनी एसओपी होगी : डीसी
डीसी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक इंडस्ट्री अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करे, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने अधिकारियों से एसी कमरों से बाहर निकलकर
औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार ईज ऑफ डुइंग बिजनेस को बढ़ावा दे रही है और लाइसेंस व एनओसी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा रहा है।
बैठक में बिजली कट और फायर रिस्पांस टाइम का मुद्दा भी उठा
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता एमएस धीमान ने शिकायत के लिए व्हाट्सएप और हेल्पलाइन 1912 का इस्तेमाल करने की सलाह दी। इस पर मोहन लाल गर्ग ने कहा कि 1912 व्यस्त रहता है और 33 केवी व 132 केवी के कर्मचारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हैं। सुभाष अनेजा ने बार-बार ट्रिपिंग से मशीनें बंद होने और लाखों रुपये का माल खराब होने की शिकायत की। डीसी ने बिजली व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। फायर अधिकारी गुरमेल सिंह ने बताया कि आगजनी की घटनाओं पर तेजी से काबू पाने के लिए कस्बा स्तर पर नए फायर स्टेशन की मंजूरी भेजी गई है। उन्होंने गाड़ियों का रिस्पांस टाइम 12 से 15 मिनट बताया। उद्यमियों ने दूरी के कारण होने वाली देरी का मुद्दा उठाया। डीसी ने संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों में फायर गाड़ियां पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते श्री भगवान अग्रवाल उद्यमी। संवाद
बैठक में अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते श्री भगवान अग्रवाल उद्यमी। संवाद
बैठक में अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते श्री भगवान अग्रवाल उद्यमी। संवाद
बैठक में अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते श्री भगवान अग्रवाल उद्यमी। संवाद