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Panipat News: हनुमान के रंग में रंगी औद्योगिक नगरी

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पानीपत। दशहरा पर्व पर देशभर में देखने लायक पानीपत के हनुमान स्वरूप के चालिया व्रत पर बैठ गए हैं। हर गली और कॉलोनी में सुबह से देर शाम तक हनुमान का गुणगान सुनाई देगा। शहर में करीब 500 हनुमान स्वरूप और करीब तीन हजार सेवक चालिया व्रत पर बैठे हैं। इनके अलावा अब 21 और 11 दिन के व्रत भी सेवक रखेंगे। भक्तों में इसको लेकर एक विशेष उत्साह और रंग देखने को मिल रहा है।
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पानीपत में हनुमान स्वरूप की परंपरा पाकिस्तान से चली आ रही है। रामसेवक सुभाष गुलाटी ने बताया कि उन्होंने 1989 में पहली बर हनुमान स्वरूप उठाया था। वे इसको लेकर पहले व्रत रखते थे। वे लगातार 25 साल तक हनुमान स्वरूप उठाते रहे हैं। 2014 में नई पीढ़ी को इसकी जिम्मेदारी दी है। अब लक्की चावला हनुमान स्वरूप उठाते हैं। उन्होंने बताया कि पानीपत में करीब 500 हनुमान स्वरूप निकलते हैं। इनके साथ करीब तीन हजार सेवक होते हैं। अधिकतर चालिया व्रत (40 दिन का व्रत) का व्रत रखते हैं। कुछ 21 और 11 दिन का भी व्रत रखते हैं। हनुमान स्वरूप को ब्रह्मचर्य का पालना रखना होता है। उनको मंदिर परिसर में ही अपनी पूजा करनी होती है। सुबह, दोपहर व शाम को पूजा होती है। एक साथ खाना खाते हैं।

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बाबा की कृपा से सब कार्य होते हैं सिद्ध

प्राचीन शिव मंदिर तहसील कैंप रामनगर में लक्की चावला चालिया व्रत पर बैठे हैं। वे हनुमान स्वरूप उठाएंगे। लक्की चावला एक बैंक की गुड़ मंडी पानीपत स्थित शाखा में प्रबंधक हैं। 37 साल के लक्की चावला पिछले सात साल से हनुमान स्वरूप की मूर्ति उठा रहे हैं। हेमंत कुमार ने अपनी मन्नत पूरी होने पर चालिया व्रत रखे हैं। उन्होंने बताया कि बाबा की कृपा से सब कार्य सिद्ध होते हैं। इस दौरान नियमों का पालन किया जाता है। किसी प्रकार की नियम टूटने पर परेशानी आती है। ऐसे में पूरा समय मंदिर में ही रहते हैं।
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