स्वास्थ्य विभाग की ओर से सात फरवरी से मिशन इंद्रधनुष व 20 फरवरी से कर्मी मुक्त हरियाणा अभियान चलाया जाएगा।
मिशन इंद्रधनुष 13 फरवरी व कर्मीमुक्त हरियाणा अभियान तीन दिन चलेगा। जिला अस्पताल में वीरवार को इनको लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक रखी गई।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा ने बताया कि 7 से 13 फरवरी तक इंद्रधनुष सप्ताह कार्यक्रम और 20 फरवरी से चलाए जाने वाले तीन दिवसीय कर्मीमुक्त हरियाणा अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश में गत चार वर्षों से कोई भी पोलियो का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन जब तक पड़ोसी देशों में पोलियो के केस हैं, तब तक देशवासियों को भी सावधान रहना पड़ेगा।
इसलिए इंद्रधनुष कार्यक्रम को सफल बनाना समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने कहा कि इंद्रधनुष कार्यक्रम को सफल बनाने के मामले में पानीपत को अभी तक 70 प्रतिशत ही सफलता मिली है।
यह एक बच्चे को लगने वाला टीका करीब तीन हजार रुपये का होता है, लेकिन ये सभी टीके सरकार की तरफ से बच्चों को नि:शुल्क लगाए जाते हैं। इसलिए सभी सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सकों व आयुर्वेदाचार्यों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करके इस महायज्ञ में अपनी आहूति डालनी चाहिए।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी जयभगवान खटक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। अच्छा स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा हर बच्चे का मौलिक व प्राकृतिक अधिकार है और शिक्षा विभाग के सभी अध्यापक इंद्रधनुष सप्ताह कार्यक्रम और कर्मीमुक्त हरियाणा अभियातन को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग का पूर्ण सहयोग करेगा।
चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश गुप्ता ने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी चिकित्साधिकारियों, चिकित्सकों और सभी आशा वर्कर व आंगनवाड़ी वर्कर अपना भरपूर सहयोग दें। इस मौके पर डॉ. नीरज, डॉ. जितेंद्र त्यागी, डॉ. आभास कुमार, डॉ. कर्मबीर, डॉ. विपिन मलिक मौजूद रहे।