पानीपत। नगर निगम अधिकारियों की ठेकेदार से मिलीभगत का एक और कारनामा सामने आया है। वार्ड 13 में निगम ठेकेदारों ने 43 लाख से आधा अधूरा नाला बनाया, जबकि इसका भुगतान पूरा ले लिया। यह नाला भी घटिया सामग्री से बनाया गया। जो बनने के साथ टूट भी गया। इससे अब नाले का गंदा पानी सड़क पर जमा होने लगा है। यह आने जाने वाले लोगों के लिए मुुसीबत बन गया है। यह शिकायत वार्ड 13 के पार्षद शिव कुमार शर्मा ने मेयर को देकर कार्रवाई की मांग की है। पार्षद का कहना है कि वे बुधवार को कष्ट निवारण समिति में जाएंगे। इसके बाद डीसी को भी शिकायत देंगे। इसके बाद विजिलेंस से भी फरियाद लगाएंगे।
पार्षद शिव कुमार शर्मा ने बताया कि उनके वार्ड में ऊझा रोड पर गैस गोदाम से लेकर हरिद्वार बाईपास तक करीब एक किमी. लंबा एक साइड का नाला बनाया जाना था। इसके लिए निगम ने 43 लाख रुपये का टेंडर निकाला। ठेकेदार ने टेंडर लेकर काम शुरू कर दिया, लेकिन नाले को करीब 880 फुट ही बनाया। निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर अधिकारियों से मिलीभगत कर भुगतान पूरा ले लिया। इस नाले में इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री भी घटिया थी। इससे नाला टूटने लगा है। जिस गंदे पानी की निकासी के लिए नाला बनाया गया था, वह गंदा पानी अब रोड पर जमा होने लगा है। जो आसपास के एरिया के करीब 10 हजार लोगों के लिए आफत बन चुका है। इसकी शिकायत उन्होंने कई बार ठेकेदार से भी की, लेकिन ठेकेदार ने फोन नहीं उठाया।
पार्षद शिव कुमार ने कहा कि बुधवार को ग्रामीण विधायक भी उनके वार्ड का दौरा करेंगे। उनसे नाले के निर्माण सामग्री की जांच और नाले की पैमाइश करवाने का अनुरोध किया जाएगा। नाले में पूरी तरह घोटाला हुआ है। निगम अधिकारियों की मिलीभगत से पूरा काम किया गया है।
पार्षद ने बताया कि इसी प्रकार वार्ड 14 का एक नाला उनके वार्ड में ऊझा गेट तक आता है। यह नाला भी उसी ठेकेदार ने बनाया है। इसे भी अधूरा छोड़ा गया है। इसकी शिकायत वार्ड 14 की पार्षद से लेकर निगम अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
शिकायत मिली, होगी कार्रवाई : मेयर
नाले का काम अधूरा छोड़ने और घटिया सामग्री इस्तेमाल करने की पार्षद की ओर से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जाएगी। अगर गोलमाल मिला तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अवनीत कौर, मेयर।