पानीपत। बार एसोसिएशन के वकीलों ने सोमवार को आपातकालीन बैठक की और अनिश्चितकाल के लिए कार्य बहिष्कार कर दिया। इसका कारण दो माह में महिला वकील समेत तीन पर आपराधिक रिपोर्ट दर्ज होना है। बार एसोसिएशन ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मंगलवार शाम तक पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई फैसला नहीं लिया गया तो बुधवार को पंजाब एंड हरियाणा की बार मिलकर कार्य बहिष्कार करेंगी।
बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र दूहन ने कहा कि पुलिस ने महिला वकील सुनीता कश्यप, रामदास त्यागी और सचिन मलिक पर द्वेष की भावना रखते हुए संगीन अपराधों के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं। इन मुकदमों में छेड़छाड़, अपहरण समेत अन्य मामले शामिल हैं। मीटिंग में पुलिस के समाज एवं वकीलों के प्रति रवैये को लेकर भी चर्चा की गई। सभी बातों को सुनने के बाद बार ने नाराजगी जाहिर करने के लिए अनिश्चितकाल समय तक कायर्ष् बहिष्कार का एलान किया। बार एसोसिएशन की मीटिंग में कड़ा फैसला यह भी लिया गया कि कार्य बहिष्कार का उल्लंघन करने वाले वकीलों पर कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। साथ ही एक माह के लिए उसका वकालत का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
वकील सुनीता कश्यप बताती हैं कि उनके एक क्लाइंट के घर चोरी हुई थी। इस संबंध में वह सेक्टर 13-17 थाना गई थी। आरोप है कि वहां थाना प्रभारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बाद वह महिला थाने पहुंची, जहां एक पुलिसकर्मी और एक महिला ने उसे अंदर नहीं जाने दिया। उसने काफी प्रयास किया, लेकिन अंदर नहीं जाने दिया गया। सुबह उसी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई के संबंध में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है, उन पर लगाए गए आरोप झूठे है।
वकील रामदास त्यागी ने बताया कि चांदनीबाग थाना पुलिस ने उन पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की है, जबकि उसका इसमें कोई रोल नहीं है। एक महिला ने अपने पति टिंकू के खिलाफ चांदनीबाग में मारपीट करने की शिकायत दी थी। वह टिंकू के साथ थाने में गया था। महिला का आरोप है कि टिंकू बच्चे को बाथरूम कराने के बाद उठाकर ले गया, टिंकू के साथ वह और दो अन्य भी साथ है। उस पर रंजिशन रिपोर्ट दर्ज की गई है, जबकि वह निर्दोष है।
इसके अलावा सचिन मलिक पर प्रॉपर्टी विवाद में शहर थाना में रिपोर्ट दर्ज है। उनका कहना कि उनका प्रापर्टी में कोई लेना-देना ही नहीं है।