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Panipat News: जिला परिषद की बैठक में सदस्यों ने मांगा 4.31 करोड़ का हिसाब

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पानीपत। जिला परिषद सदस्यों की दूसरी आम बैठक वीरवार को सचिवालय के दूसरे तल के सभागार में हुई। इस दौरान सदस्यों ने जिप अधिकारियों के साथ मिलकर प्रस्तावित सात एजेंडों पर बातचीत की और पिछली बैठक के 4.31 करोड़ का हिसाब मांगा। अधिकारियों ने बताया कि इस बजट से करीब 221 विकास कार्यों को स्वीकृत कर एस्टीमेट बनाए गए हैं। इनमें से करीब 60-70 विकास कार्य पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि सरकार की ओर से 15वें वित्त आयोग का 72 लाख रुपये का अनुदान आया है। इसके लिए सदस्य अपने प्रस्तावित विकास कार्यों के मुद्दे भेज सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि जो विकास कार्य प्रस्तावित किए जाएंगे, सरकार उन्हीं के अनुरूप अनुदान भेजेगी।
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इस दौरान जिप उप प्रधान सुरेश मलिक ने मुद्दा रखा कि सभी जिप सदस्यों का टोल टैक्स माफ होना चाहिए। अधिकारियों ने जिप सदस्यों की गाड़ियों की आरसी और गाड़ी नंबर मांगा है। जिसे वे टोल टैक्स प्रबंधन के साथ बैठकर जिप सदस्यों का टोल माफ करवाने के लिए बैठक करेंगे। इसके अलावा मलिक ने सभी सदस्यों के लिए दो-दो साइन बोर्ड भी प्रस्तावित करवाए हैं। उन्होंने अधिकारियों से सदस्यों के प्रोटोकॉल का ख्याल रखते हुए इसे भी मुद्दा बनाकर इसकी तमाम जानकारी सदस्यों को देने का आग्रह किया है। मलिक के सभी एजेंडों पर सदस्यों ने सहमति जताते हुए पास कराया।
वार्ड 15 से सदस्य प्रतिनिधि जसबीर कादियान ने अधिकारियों से पूछा कि जो विकास कार्य उन्होंने अपने वार्ड की ओर से प्रस्तावित किए थे। उनमें सात विकास कार्य ऐसे हैं, जिनकी उनको जानकारी तक नहीं है। पता नहीं अधिकारियों ने ये काम किसके कहने पर जोड़ दिए हैं। कम से कम वार्ड पार्षद को तो उनके वार्ड के विकास कार्यों की जानकारी होनी चाहिए। इसका समर्थन उपाध्यक्ष सुरेश मलिक ने भी किया। उन्होंने कहा कि आगे किसी भी वार्ड में जो भी विकास कार्य होंगे, पहले उनकी लिस्ट संबंधित वार्ड के पार्षद को भेजी जानी चाहिए। इस पर सभी ने सहमति दी।
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वार्ड सात सदस्य प्रतिनिधि सुरेंद्र आर्य ने कहा कि उनके वार्ड में जिन विकास कार्यों की जरूरत थी, उनको छोड़ दिया गया और जिनकी जरूरत ही नहीं थी उनको पूरा करवा दिया गया। पार्षद को पता भी नहीं होता कि उनके वार्ड में क्या चल रहा है। उनके वार्ड में सिर्फ आठ लाख रुपये के चार काम हुए। बाकी काम क्यों नहीं हुए, कमी कहां रही, ये समझ नहीं आया। यहां तक पार्षद की खुद की गली तक नहीं बनाई गई। ये पैसा जन हित में लगना चाहिए। इसे यूं ही उड़ाना नहीं चाहिए।
जिप के सीईओ विवेक चौधरी ने कहा कि आगे से सभी सदस्यों को ई-मेल से विकास कार्यों की लिस्ट भेजी जाएगी। हर पार्षद को उसके विकास कार्यों की पूरी जानकारी होगी।
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