पीएमओ ऑफिस के बाहर बैठे परिजन।
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टैग पर बच्चे के पिता का नाम प्रदीप और मां का नाम पूजा लिखा था। टैग पर वजन तीन किलोग्राम लिखा था, जबकि डिस्चार्ज स्लिप पर वजन साढ़े तीन किलोग्राम लिखा था। बच्ची को लेकर दोबारा सिविल अस्पताल आए और स्टाफ नर्सों से शिकायत की तो बताया गया कि यह क्लेरिकल गलती हो सकती है। इसके बाद पति ने शक जताया कि रितु ने बेटे को जन्म दिया था। कर्मचारियों ने लड़के को बदलकर उन्हें लड़की दे दी।
दोनों बच्चों के पिता का नाम प्रदीप
सिविल अस्पताल में रविवार रात 1:20 बजे इसराना निवासी रितु पत्नी प्रदीप और 1:22 बजे रेरकलां निवासी पूजा पत्नी प्रदीप ने बच्चे को जन्म दिया था। रितु को जो बच्ची दी गई, उसके टैग पर पूजा पत्नी प्रदीप मेल यानी लड़का लिखा था। वजन भी तीन किलोग्राम लिखा था। स्टाफ नर्सों ने लड़का पूजा पत्नी प्रदीप को दे दिया। अब इसराना की रितु का आरोप है कि कर्मचारियों ने उसके बच्चे को बदल दिया। उन्हें शक है कि जो बच्चा पूजा को दिया गया वह उनका था।
पुलिस कराएगी डीएनए टेस्ट
प्रदीप कुमार पुत्र पालेराम ने पीएमओ और सिटी थाने की पुलिस को शिकायत दी। पीएमओ से मामले की जांच कराने के साथ ही सिटी थाने की पुलिस से रितु, पूजा और बच्चों का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है।
डीएनए टेस्ट में साफ हो जाएगा कि कौन सा बच्चा किसका
मामले की जांच के लिए दो एसएमओ की टीम का गठन कर दिया गया है। टीम मामले की गहन जांच कर रही है। रिकॉर्ड भी जांचा जा रहा है। एक पक्ष की मांग है कि मामले में डीएनए टेक्स कराया जाए। अब डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट में स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सा बच्चा किसका है। - डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल