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गवालड़ा में अवैध कब्जा हटवाने नहीं पहुंचा प्रशासनिक अमला

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इसराना के गांव गवालड़ा में करीब 600 एकड़ जमीन से अवैध कब्जे हटवाने के लिए शनिवार को तहसीलदार इसराना को पुलिस बल के साथ गांव पहुंचना था। जिसके इंतजार में ग्रामीण बैठे रहे पर वो नहीं पहुंचे।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कब्जाधारियों से मिलीभगत के चलते प्रशासन गांव में
कब्जा हटवाने नहीं पहुंचा। जिसके चलते ग्रामीणों में प्रशासन व सरकार के खिलाफ
भारी रोष है। ग्रामीणों ने यहां तक चेतावनी दी है कि शीघ्र पंचायती जमीन के
अवैध कब्जे हटवाकर पट्टेदारों को कब्जा नहीं दिलाया गया तो सिर पर आ चुके
विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ग्रामीण राजेश,
सतनरायाण शर्मा व सोनू कौशिक ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा पंचायती जमीन को
खुली बोली में करीब सवा तीन माह पहले पट्टे पर लेने के बावजूद अभी तक भी
पंचायत द्वारा पट्टेदारों को कब्जा नहीं देने पर वो गत माह उपायुक्त के नहीं
मिलने पर एसडीएम वीना हुड्डा को मिले थे तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
था। एसडीएम वीना हुड्डा ने ग्रामीणों को अगले सप्ताह कब्जा दिलवाने का आश्वासन
दिया था। पट्टेदार राजेश, सतनरायाण शर्मा, जोगिंद्र, सोनू कौशिक, राजबीर सिंह,
बिजेंद्र, दिनेश, सुरेश, मौमीन अली व संदीप आदि ने बताया कि गांव गवालड़ा में
करीब 600 एकड़ पंचायती जमीन को पट्टे पर देने के लिए खुली बोली 14 जून 2019 को
हुई थी। बोली के वक्त अतिरिक्त उपायुक्त के प्रतिनिधि डिप्टी सीईओ जसविंद्र
बांगड़, तहसीलदार व बीडीपीओ इसराना और थाना प्रभारी इसराना मौके पर मौजूद थे।
गांव की 600 एकड़ जमीन की 91 लाख 30 हजार रूपये की बोली देकर 30-32 लोगों ने
मौके पर ही बोली के रूपये जमा भी करवा दिए थे। लेकिन सरपंच, बीडीपीओ व अन्य
अधिकारियों को बार-बार कहने के बावजूद अभी तक भी उस पंचायती भूमि पर
पट्टेदारों को कब्जा नहीं दिलवाया गया है। पट्टेदारों ने बताया कि उन्होंने तो
जमीन की बोली के रूपये भी जमा करवा दिया और उस जमीन पर कब्जा नहीं मिलने से
उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा
पिछले माह 1 जुलाई को भी इस जमीन से अवैध कब्जे हटवाने को लेकर पूरी तैयारी कर
ली गई थी पर किसी दबाव के चलत अवैध कब्जे नहीं हटवाए गए। वहीं आज के लिए भी
उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने तहसीलदार इसराना को डयूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त कर
पंचायती भूमि से अवैध कब्जे हटवाने के आदेश दिए गए थे, ग्रामीण भी प्रशासनिक
कार्रवाई के इंजतार में थे पर अवैध कब्जा हटवाने के लिए इसराना थाना में
सैकड़ों पुलिस वाले डयूटी मजिस्ट्रेट के आदेशों का इंतजार करते रहे गए। दरअसल
डयूटी मैजिस्ट्रेट ने थाना इसराना को पत्र लिखकर आज के लिए महिला पुलिस सहित
पुलिस बल उपलब्ध कराने को कहा था।
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