आईआईटी एडवांस के परीक्षा परिणाम में जिले के होनहार चमके। अच्छे रैंक के साथ उनके लिए आईआईटी के द्वार खुल गए। उनका दिल्ली, मुंबई व कानुपर आईआईटी में दाखिला लेने और इंजीनियर बनने का सपना साकार हो गया।
थर्मल निवासी अक्षुण्ण जिंदल ने ऑल इंडिया में 220वां रैंक हासिल किया। अक्षुण्ण जिंदल की यह पॉजीशन जिले में अव्वल मानी जा रही है।
आईआईटी एडवांस का परीक्षा परिणाम वीरवार को घोषित कर दिया गया। युवा वीरवार सुबह से ही अपने रिजल्ट देखने में लग गए थे। देशभर में एक साथ रिजल्ट देखने के चलते एक बार तो सर्वर डाउन हो गया, लेकिन अगले ही पल युवाओं के चेहरे खिल उठे। रैंक अच्छे आते ही उनको बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया और यह सिलसिला देर रात तक लगा रहा।
कंसेप्ट करें क्लीयर
अक्षुण्ण जिंदल ने आईआईटी एडवांस में ऑल इंडिया में 220वां रैंक हासिल किया है। उनके पिता आमोद जिंदल और मां ऋतु जिंदल अपने बेटे का अच्छा रैंक आने पर बेहद खुश हैं। आमोद जिंदल थर्मल में एक्सईएन हैं और मां हाउस वाइफ हैं। अक्षुण्ण जिंदल ने बताया कि जेईई का प्रश्न काफी टफ था और इसके कई कंसेप्ट समझ में नहीं आए थे। उन्होंने युवाओं को कोचिंग लेने के साथ कंसेप्ट क्लीयर करने की सलाह दी।
संतोषजनक रहा परिणाम
न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी रोबिन खुराना का ऑल इंडिया में 1293वां रैंक आया है। उनके पिता देवेंद्र खुराना बिजनेसमैन हैं और मां सुमन खुराना हाउस वाइफ हैं। रोबिन खुराना ने बताया कि उसे नौ सौ से एक हजार के बीच में रैंक आने की उम्मीद थी, लेकिन उसका 1293वां रैंक आया है। वह इसमें भी संतुष्ट है और अच्छे संस्थान में दाखिला लेना चाहता है।
गांव का छोरा बनेगा एयर क्राफ्ट इंजीनियर
खुखराना निवासी राकेश नांदल एयर क्राफ्ट इंजीनियर बनना चाहता है। उसका आईआईटी में कैटेगरी रैंक 887वां आया है। वह मनचाहे संस्थान में दाखिला ले सकता है। उसने बताया कि उसके पिता राजेंद्र सिंह कांट्रेक्टर हैं और मां सोमी नांदल गेस्ट टीचर हैं। वह गीता स्कूल शेरा में पढ़ता था और शुरू से ही एयर क्राफ्ट इंजीनियर बनने का सपना था। अब उसका सपना साकार होने जा रहा है। उसने बताया कि हमेशा अपने टीचर की बात माननी चाहिए। एक टीचर अपने विद्यार्थी को अच्छे मार्ग पर ले जाता है।
कम की थी उम्मीद, छप्पर फाड़ के मिले
नीलाक्ष अग्रवाल का ऑल इंडिया में 309वां रैंक आया है। उनके पिता मनोज अग्रवाल बिजली बोर्ड थर्मल में एक्सईएन हैं और मां अल्का अग्रवाल डीएवी थर्मल स्कूल में टीचर हैं। नीलाक्ष अग्रवाल ने बताया कि इस बार आईआईटी का पेपर काफी कंफ्यूज करने वाला रहा। उसको प्रश्न पत्र आसान भी लगा, लेकिन बाहर आने के बाद कई प्रश्न गलत होने की शंका लगी। उसको अपेक्षाकृत कम रैंक आने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन उसका अच्छा रैंक आया और उसकी शंका गलत निकली।
नाम : अक्षुण्ण जिंदल
रैंक : 220 ऑल इंडिया
निवासी : थर्मल कालोनी
लक्ष्य : कंप्यूटर साइंस इंजीनियर
संस्थान : दिल्ली या कानपुर
मेहनत : हर रोज 10 से 12 घंटे पढ़ाई
श्रेय : संस्थान व माता-पिता
नाम : रोबिन खुराना
रैंक : 1293
निवासी : एनएचबीसी सेक्टर-11
लक्ष्य : कंप्यूटर साइंस इंजीनियर
संस्थान : दिल्ली व कानपुर
मेहनत : 8-10 घंटे
श्रेय : माता-पिता व संस्थान
नाम : लोकेश नांदल
रैंक : 887 कैटेगरी
निवासी : खुखराना
लक्ष्य : एयर क्राफ्ट इंजीनियर
संस्थान : दिल्ली या कानपुर
मेहनत : 5-6 घंटे
श्रेय : माता-पिता व टीचर्स
नाम : नीलाक्ष अग्रवाल
रैंक : 309
निवासी : थर्मल कालोनी
लक्ष्य : कंप्यूटर साइंस
संस्थान : दिल्ली व कानपुर
श्रेय : परिजनों व शिक्षकों
आईआईटी पहली पसंद
हर विद्यार्थी का सपना आईआईटी में पढ़ाई करना है। इनमें से दिल्ली, मुंबई व कानपुर युवाओं की पहली पसंद है। एक हजार रैंक पाने वाले विद्यार्थी दिल्ली, मुंबई और कानपुर स्थित आईआईटी में दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा आईआईटी में 13 से 14 हजार तक रैंक वाले विद्यार्थियों को भी दाखिला मिल सकता है।
एनआईटी युवाओं की दूसरी पसंद
युवाओं की दूसरी पसंद एनआईटी में दाखिला लेने की होती हैं। यहां पर रैंक 15 से 16 हजार तक रहता है। इस रैंक वाले युवाओं के मनचाही ट्रेड में दाखिला लेने में आईआईटी के कुछ विद्यार्थी बाधा बन सकते हैं। जानकारों का कहना है कि आईआईटी में अच्छी ट्रेड न मिल पाने पर विद्यार्थियों को एनआईटी में आसानी से मनचाही ट्रेड मिल जाती है। ऐसे में वे आईआईटी की बजाय एनआईटी में दाखिला ले लेते हैं।
दाखिलों को लेकर होंगी तीन काउंसलिंग
आईआईटी और अन्य संस्थानों में दाखिले को लेकर तीन काउंसलिंग होंगी। इनमें युवाओं को ट्रेड व संस्थान दोनों मिल जाएंगे। जिनेसिज क्लासेज के ब्रांच हेड गौतम शर्मा ने बताया कि पहले 15 हजार रैंक पाने वाले विद्यार्थियों को शुक्रवार को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें उनको तीन संस्थान भरने होंगे। इसके करीब 10 दिन बाद पहली काउंसलिंग होगी। इसके बाद दूसरी और फिर तीसरी काउंसलिंग होगी।