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Panipat News: मुझे न्याय चाहिए, नहीं दे सकते तो जहर दे दो

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पानीपत। सरकार और प्रशासन के समाधान शिविर में कुछ शिकायतें तो ऐसी पहुंचती हैं, जिनमें फरियादियों की गुहार दिल को झकझोर देती है। बावजूद उनकी शिकायताें को भी आश्वासन के साथ लौटा दिया जाता है। इसी शिविर में अपने दर्द की गुहार लेकर एक 73 साल का बुजुर्ग भी पहुंचा। जो पहले भी पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाकर थक चुका था। बुजुर्ग ने अधिकारियों से सिर्फ एक बात कही कि अगर वे उसे न्याय नहीं दे सकते तो उसे जहर ही दे दो। अब उससे जीया नहीं जा रहा। खुद के ही बेटे और पुत्रवधू का सताया बुजुर्ग फूट फूट कर रोने लगा लेकिन बुजुर्ग की हालात, उसकी नम आंखों पर किसी को तरस नहीं आया। वही समाधान के आश्वासन की पुरानी प्रक्रिया के साथ बुजुर्ग को लौटा दिया गया। अब बुजुर्ग का कहना रहा कि अब उसे न्याय भी नहीं मिला और जहर भी नहीं। ऐसे में वह करे तो क्या करे और जाए तो कहां जाए।
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समाधान शिविर में शिकायत लेकर पहुंचे गामा चौक वधावा राम कॉलोनी निवासी 73 वर्षीय बुजुर्ग ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी पत्नी की मौत के बाद उनके बेटा और पुत्रवधू उनके साथ मारपीट करते हैं। उनके पैसे छीन लेते हैं। उन्हें उनके ही घर से बेघर कर दिया गया है। उनका कॉलोनी में एक 50 गज का मकान है। जिसका उनके बेटे और पुत्रवधू ने ताला तक तोड़ दिया है। उनका सोना चांदी और जेवरात तक चोरी कर लिए। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है। अब वे इतने बेबस हो चुके हैं कि न तो उनके पास रहने के लिए जगह है और न खाने के लिए सामान। वे मंदिर के पार्किंग में रहने को मजबूर हैं और लोगों से मांग कर खाना खाते हैं।
बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि उनका बेटा बदमाश किस्म का है। जो हमेशा अपने साथ हथियार लेकर उनको मारने की फिराक में रहता है। वह सरेआम नशीला पदार्थ भी बेचता है। दोनों ने मिलकर उसका जीना हराम कर दिया है। अब न घर है, खाने को रोटी, परेशानी के साथ डर भी बढ़ गया है। पुलिस प्रशासन को शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। इसलिए अब जीने की चाहत भी नहीं है। सिटी थाना पुलिस को भी शिकायत दी थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब फिर से बुजुर्ग ने फिर से समाधान शिविर के जरिए पुलिस प्रशासन को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। बुजुर्ग का कहना था कि अगर वे उसे न्याय नहीं दिला सकते तो जहर तो दे ही सकते हैं। अपने बेटे और पुत्रवधू के हाथों मरने से अच्छा है कि प्रशासन ही उनको जहर दे दे।
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हैरानी की बात ये है कि शुक्रवार को हाथों में शिकायत लिए और न्याय की फरियाद को लेकर बुजुर्ग तीन घंटे कतार में खड़ा रहा। डीसी शिविर में नहीं थे। एडीसी को शिकायत सौंपी। उन्होंने समाधान का आश्वासन देकर शिकायत अधीनस्थ कर्मचारियों को सौंप दी और उन्होंने फिर से आने की बात कहकर बुजुर्ग को चलता कर दिया।
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