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Panipat News: मां को बोला था इस बार खाली हाथ नहीं आऊंगा, किस्मत ने चांदी सोने में बदल दी

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इसराना। मां मैंने आपको बोला था, इस बार खाली हाथ नहीं आऊंगा। मैंने अपना पूरा जोर लगाकर भाला फेंका। पहले दो प्रयास में तो कुछ अच्छा नहीं हुआ, लेकिन तीसरे प्रयास में 47.82 मीटर भाला फेंका। मुझे उसी समय अपने पदक की उम्मीद लगने लगी थी। पेरिस पैरालंपिक में रजत पदक जीता। यहां किस्मत ने भी मेरा साथ दिया और यह चांदी सोने में बदल गई।
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यह बात पेरिस पैरालंपिक के भाला फेंक में स्वर्ण पदक विजेता नवदीप मलिक ने अपनी मां मुकेश देवी को फोन पर बातचीत करते हुए कही। नवदीप मलिक ने रविवार को करीब दस मिनट परिवार के साथ फोन और व्हाट्सएप वीडियो पर बात की। उनके भाई मनदीप मलिक और परिवार के सदस्यों ने भी थोड़ी-थोड़ी देर बात की। पेरिस की धरती पर स्वर्ण पदक जीतने की बात कहकर नवदीप और उनकी मां मुकेश देवी भावुक हो गए। मुकेश देवी ने कहा कि काश आज तुम्हारे पिता दलबीर सिंह हमारे बीच होते तो वे कितना खुश होते? गांव में जश्न का माहौल ही कुछ और होता। इतना कहकर उनके व परिवार के सदस्यों के आंसू निकल आए। उन्होंने अगले ही पल खुद को संभाला और एक दूसरे को समझाकर शांत करने लगे। मुकेश देवी ने बताया कि उनके दो बेटे मनदीप और नवदीप हैं। मनदीप रेलवे और नवदीप इनकम टैक्स में इंस्पेक्टर हैं। नवदीप शुरू से ही खेलों में आगे रहे हैं। वे अपने पिता के साथ पहले दंगल में जाते थे। उनकी कमर में चोट लगी तो उन्होंने जैवलिन में आगे आने का फैसला लिया। वे नीरज चोपड़ा को अपना आदर्श मानते हैं।
उनके पिता दलबीर पंचायत विभाग में नौकरी करते थे। वे भी उनको खेलों में लेकर जाते थे। उनकी आठ जून को बीमारी के चलते मौत हो गई। एक बार तो पूरा परिवार टूट गया था। उनके दोनों बेटों ने हिम्मत जुटाई। नवदीप ने खेलों में खुद को साबित करने का कोई अवसर हाथ से नहीं जाने दिया। टोक्यो पैरालंपिक में 40.80 मीटर भाला फेंककर चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। पेरिस पैरालंपिक के क्वालिफाइंग राउंड में ही 35.46 मीटर भाला फेंका था। मुझे फाइनल को लेकर चिंता थी। नवदीप शनिवार रात को मैदान में उतरा तो उनके जोश को देखकर पदक की उम्मीद पक्की हो गई थी। उन्होंने 47.32 मीटर भाला फेंक रजत पदक पक्का कर लिया था। अब किस्मत ने भी नवदीप का साथ दिया। उनका रजत स्वर्ण पदक में बदल गया।
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अभी शादी नहीं खेलने का पूरा मौका
मां मुकेश देवी ने बताया कि नवदीप के पास अभी खेलने का पूरा समय है। परिवार की तरफ से उनको खेलने की छूट रहेगी। उनको अभी और कई प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज करनी है। परिवार फिलहाल उनकी शादी के बारे में नहीं सोच रहा है। नवदीप का भी अपने खेल पर ध्यान है। वे समय आने पर उनसे बात कर शादी की चर्चा करेंगे।

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नवदीप कल स्वदेश लौटेंगे
भाई मनदीप ने बताया कि नवदीप से रविवार सुबह फोन पर बात की है। वह काफी खुश है। नवदीप ने उनको बताया कि वह 10 सितंबर को सुबह साढ़े आठ बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच जाएगा। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जाएंगे। इसके बाद दिल्ली में रहेंगे। मनदीप ने बताया कि उनका गांव में जोरदार स्वागत किया जाएगा। ग्रामीणों में उनके स्वागत को लेकर पूरा जोश है।
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