पानीपत / इसराना। पूठर गांव के एक फार्मासिस्ट ने दंपती की ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी से आहत होकर फंदा लगा लिया। आरोप है कि फार्मासिस्ट ने दंपती से 52 हजार रुपये लेने थे। जब रुपये मांगे तो देने के बजाय एक लाख रुपये की मांग करने लगे। रुपये नहीं देने पर उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इससे आहत होकर युवक ने घर में आत्महत्या कर ली। फार्मासिस्ट ने डायरी में एक पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है।
दिलबाग ने बताया कि उसका बड़ा बेटा हरविंदर (34) एक माह से मेडिकल स्टोर चला रहा है। उसने जौंधन निवासी महिला सोनिया और उसके पति अजमेर को 52 हजार रुपये उधार दिए थे। अब आरोपियों ने रुपये देने के बजाय एक लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। दंपती ने धमकी दी कि रुपये नहीं दिए तो वे उसे केस में फंसा देंगे। इससे परेशान होकर उसने शाम करीब छह बजे घर की छत पर बने कमरे में पंखे के हुक में चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हरविंदर ने अपनी डायरी में सुसाइड नोट लिखा है। इसराना प्रभारी बलराज ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। हरविंद्र के दो बच्चे हैं। इनमें बड़ा बेटा हरविंदर और छोटा बेटा सुमित है।
सुसाइड नोट में यह लिखा
मैं हरविंदर आत्महत्या करने जा रहा हूं। इसका जिम्मेदार सोनिया और उसका घरवाला अजमेर है, क्योंकि उनके जगराते में 52 हजार रुपये दिए थे, मांगने गया तो दोनों ने एक लाख रुपये और मांगे, कहा कि अगर नहीं दिए तो रेप का केस लगाकर जेल में डलवा देंगे, इसलिए मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। मैं घर वालों से बहुत प्यार करता हूं, घरवालों से कहना चाहता हूं कि दोनों को जेल में डलवा दें, मेरी आखिरी इच्छा है कि राजी नामा नहीं करना।