पानीपत। हरिसिंह चौक निवासी एक ट्रांसपोर्टर ने इकलौते बेटे की टीबी की बीमारी से आहत होकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी पत्नी सुबह पांच बजे चाय लेकर कमरे में गई तो ट्रांसपोर्टर फंदे पर लटका मिला। तहसील कैंप थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
मूल रूप से यूपी के बागपत निवासी रामबीर (46) पिछले 12 साल से पानीपत में हरी सिंह चौक पर रहता था। उसकी नूरवाला में जाट रोड लाइन के नाम से ट्रांसपोर्ट है। उसके दो बच्चों में से बड़े बेटे आकाश को तीन माह पहले टीबी की बीमारी हो गई थी। इससे रामबीर काफी आहत था। वह वीरवार रात करीब नौ बजे घर लौटा था। परिवार के साथ खाना खाकर छत पर बने कमरे में सोने चला गया। पत्नी सरिता अपने बेटे आकाश और बेटी बीता के साथ नीचे सो गई थी। सरिता शुक्रवार सुबह पांच बजे चाय लेकर पति के कमरे में गई तो अंदर से कुंडी लगी थी। उसने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। सरिता ने खिड़की से देखा तो पति फंदे से लटका हुआ था। उन्होंने परिजनों व पुलिस को सूचना दी। रामबीर तीन भाइयों में सबसे छोटा था।