पानीपत। राजनगर में एक प्रवासी श्रमिक की एक निजी अस्पताल बीमारी से मौत हो गई। मकान मालिक ने उसके परिजनों से शव को उसके घर लाने से मना कर दिया। निजी अस्पताल ने परिजनों ने जल्द शव को उठाने को बोल दिया। ऐसे में जन सेवा दल के सदस्य शव को उठाकर लाए और फ्रीजर में रखवाया। मृतक की पत्नी की प्रार्थना पर जन सेवा दल के सदस्यों ने शव का अंतिम संस्कार किया। मृतक चार बेटियों व एक बेटे का पिता था और घर में कमाने वाला इकलौता था।
जन सेवा दल के महासचिव चमन गुलाटी ने बताया कि नीतिश कुमार (36) मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला था। वह पानीपत के राजनगर में एक मकान में किराए पर रहता था। वह चार बेटियों व एक बेटे का पिता था। सेक्टर 29 में वह एक फैक्ट्री में काम करता था। वह पिछले कुछ दिन से बीमार चल रहा था। उसकी पत्नी ने उसे सनौली रोड पर एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया था। शनिवार रात को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। यहां डॉक्टरों ने उसे दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। वहां ले जाने पर उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों ने जल्द अस्पताल से शव बाहर ले जाने को कहा। जब वह शव को अपने किराए के कमरे पर ले जाने लगे तो मालिक ने उनको यहां शव लाने से इंकार कर दिया।
उसके परिजन शव को लेकर रोते रहे। फिर एक राहगीर ने उन्हें उनका नंबर दिया। वह सूचना मिलते ही अस्पताल में पहुंचे। शव को वह जन सेवा दल कार्यालय में लेकर आए और यहां फ्रीजर में रखा। रविवार को जन सेवा दल ने शव का अंतिम संस्कार किया और उसके माता-पिता को वीडियो कॉल से अंतिम संस्कार दिखाया।