पानीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-6 में करोड़ों रुपये की अर्जित भूमि के घोटाले की जांच विजिलेंस से कराने का फैसला लिया है। एचएसवीपी के रोहतक प्रशासक रोहतक ने चीफ विजिलेंस पंचकूला को पत्र लिखा है। इसके साथ उपायुक्त को दोबारा पत्र जारी कर तहसील से मांगा गया रिकॉर्ड ने को पत्र लिखा है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व पार्षद जोगेंद्र स्वामी ने 20 जून को संपदा अधिकारी पानीपत को ज्ञापन सौंपा था। इसकी प्रतियां मुख्य प्रशासक और प्रशासक एचएएसवीपी रोहतक को सौंपी थी। उन्होंने बताया कि 15 जून को भूमि अर्जन अधिकारी से मांगी गई। आरटीआई में मिले जवाब में स्पष्ट तौर पर लिखा हुआ कि सेक्टर-6 में जीटी रोड के साथ खसरा नंबर 720 में केवल 12 बिस्वा भूमि ही अनअर्जित है। बाकी कोई भी जमीन किसी को अनअर्जित या रिलीज नहीं है। भूमि अर्जन अधिकारी रोहतक ने 27 मई 2022 को तहसील कार्यालय पानीपत को पत्र लिख इस बारे में अवगत कराया था। इसमें किसी भी प्रकार की रिलीज संबंधित कोई पत्र निरस्त और इस खसरे में कोई इंतकाल को खारिज करने की बात कही थी। तहसील और एचएसवीपी के अधिकारियों ने मिलकर एक पत्र का हवाला देकर हजारों गज जमीन का घोटाला कर दिया। जोगिंद्र स्वामी ने बताया कि विजिलेंस की जांच में सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।