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एचएसवीपी के 11 सेक्टरों में 1611 रिहायशी और कॉमर्शियल प्लॉट मिलेंगे, मार्च में होगी बोली, सेक्टर होंगे आबाद

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सेक्टरों में आशियाने और साइट पर व्यापार गतिविधियां शुरू करने की चाह रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। एचएसवीपी जल्द 11 सेक्टरों में 1611 रिहायशी और कॉमर्शियल प्लॉटों की ई-बोली करने जा रहा है। इस सब प्लॉटों की कीमत भी तय कर दी गई है। प्लॉटों की बोली कलेक्टर रेट पर होगी, ताकि लोग अपनी क्षमता के अनुसार प्लॉट खरीद सकें। इससे आर्थिक तंगी से गुजर रहा विभाग तंगी से उबरेगा। खाली पड़े प्लॉट बिकेंगे और सेक्टर आबाद होंगे।
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इन सेक्टरों में इतने प्लॉटों की होगी ई-बोली
सेेक्टर रिहायशी प्लॉट कीमत कॉमर्शियल प्लॉट कीमत
6 45 15.65 48 25.59
7 19 4.3 4 54.05
8 49 12.22 2 24.45
12 28 9.17 167 36.62
13-17 37 13.25 578 399.59
18 143 45.19 101 213.75
24 94 25.94 88 82.77
25 पार्ट टू - - 101 15.50
40 33 7.24 5 20.23
ट्रांसपोर्ट नगर - - 69 45.72
नोट- राशि करोड़ों में हैं।
सेक्टरों को आबाद करने के लिए एक्सटेंशन पॉलिसी में किया बदलाव
निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण लोग सेक्टरों में खाली पड़े प्लॉटों पर निर्माण कार्य करने से कतरा रहे हैं। इसलिए खाली पड़े प्लॉटों पर निर्माण कार्य नहीं हो रहा है। अब एचएसवीपी ने लोगों की इस समस्या को देखते हुए अपनी एक्सटेंशन पॉलिसी में बदलाव किया है। विभाग ने एक्सटेंशन फीस यानि जुर्माने में 80 प्रतिशत तक की कमी कर दी है। शहर के 6 रिहायशी सेक्टरों में 12 साल से लगभग 1900 प्लॉटों पर निर्माण कार्य नहीं हुआ है। प्लॉट पर तय समय सीमा में निर्माण कार्य न करने पर भारी भरकम एक्सटेंशन फीस अर्थात जुर्माना लगाया जाता है। एक जनवरी 2020 से जो एक्सटेंशन फीस प्लॉट पर लगेगी, वह पहले के मुकाबले 80 प्रतिशत तक कम हो गई है। प्लॉट अलॉट होने के बाद निर्माण नहीं होने पर 12 साल बाद अगले तीन साल के ब्लॉक ईयर पर काफी राहत मिलेगी।
तीसरे साल से लगनी शुरू होती है एक्सटेंशन फीस
पानीपत शहर हाई पॉटेंशियल जोन में शामिल है। एचएसवीपी प्लॉट अलॉटी को दो साल तक निर्माण कार्य करने की छूट देता है। यदि दो साल तक वह निर्माण कार्य नहीं करता है तो तीसरे साल से एक्सटेंशन फीस लगनी शुरू हो जाती है। फीस के लिए तीन-तीन साल के चार ब्लॉक ईयर बना रखे थे। अब ब्लॉक की संख्या पांच यानि 15 साल तक कर दी है।
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पहले यह थी जुर्माना राशि की दर
1 से 3 साल के पहले ब्लॉक में 25 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
4 से 6 वें साल के दूसरे ब्लॉक में 40 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
7 से 9 वें साल के तीसरे ब्लॉक में 60 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
10 से 12 वें साल के चौथे ब्लॉक में 100 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
नोट- इसके बाद हर साल फीस डबल हो जाती थी।
अब नई पॉलिसी में बनाया 15वें साल तक का 5वां ब्लॉक
अब चार ब्लॉक ईयर के बाद तीन साल का पांचवां ब्लॉक बना दिया है। 13वें साल से 15वें साल तक 120 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर एक्सटेंशन फीस लगेगी। 15 साल निर्माण नहीं होने के बाद 120 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर में हर साल 10 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर तक की बढ़ोतरी होगी। जो पहले के मुकाबले बेहद कम है। 500 गज के प्लॉट पर 13वें साल में जो फीस 1 लाख लगती थी वह अब मात्र 60 हजार लगेगी।
नई शर्त से यहां के लोगों को लाभ
सेक्टर-13, 17, 6, 7, 8 व 18 के लोगों को काफी फायदा होगा। सेक्टर 40 पूरी तरह से आबाद नहीं है। सेक्टर-17 में 15 प्रतिशत, सेक्टर 18 में 40 प्रतिशत, सेक्टर 6 में 20 प्रतिशत, सेक्टर 7 व 8 में 40 प्रतिशत प्लॉट खाली हैं। यहां के अलॉटियों पर एक्सटेंशन फीस की मार पड़ती थी। अब फीस 80 प्रतिशत तक कम हो गई है तो इसका सीधा लाभ इन्हें मिलेगा।
कलेक्टर रेट और एफएआर रेट पर होगी प्लॉटों की बोली : रंगा
प्लॉटों की बोली कलेक्टर रेट और एफएआर पर होगी। बोली जल्द होगी। प्लॉटों और रकम की लिस्ट मुख्यालय में भेज दी गई है। इस बारे में मुख्यालय ने जो रिपोर्ट मांगी थी वो भी भेज दी गई है।
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-योगेश रंग, एस्टेट ऑफिसर एचएसवीपी
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