प्रशासन व पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग आखिर नन्हीं परी का डीएनए टेस्ट कराने को एकमत हो ही गया और इसको लेकर चार सितंबर तारीख रखी गई है। नन्हीं परी व आरोपकर्ता महिला को डीएनए के लिए ले जाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने महिला व उसके परिजनों द्वारा अब किसी तरह की अड़चन पैदा करने पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
लघु सचिवालय में उपायुक्त समीर पाल सरो, एसपी राहुल शर्मा व सीएमओ डॉ. इंद्रजीत धनखड़ ने परी का डीएनए कराने को लेकर बैठक की। तीनों अधिकारियों के बीच कई घंटे तक चली बैठक में चार सितंबर को तय तारीख पर डीएनए कराने का फैसला लिया। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने इस बार किसी तरह की अड़चन पैदा करने या डीएनए को न जाने पर कविता व उसके परिजनों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया।
यह है मामला
विदित है कि सिविल अस्पताल में 17 जून को एक महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया था। डॉक्टर ने बच्ची को रामनगर निवासी कविता द्वारा जन्म देने की बात कही थी। कविता व उसका पति भी मान गए थे, लेकिन 18 जून को कविता से एक लड़के को दूध पिलवाया गया।
कविता व उसके पति का दावा है कि उक्त लड़के के हाथ पर उन दोनों के नाम का टेग लगा हुआ था। उन्होंने नर्स से बात की तो वह डॉक्टर पर बात टाल गई। डॉक्टर ने भी उनको दो टूक जवाब दे दिया। जिसके बाद कविता व उसके पति समेत बाकी परिजनों ने सिविल अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर व स्टाफ नर्स पर बच्चे को बदलने का आरोप लगाया।
बस अड्डा चौकी पुलिस मौके पर पहंच गई थी। पुलिस अधिकारियों ने महिला की शिकायत पर डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस परी व महिला का डीएनए टेस्ट कराने की कहने लगी और मधुबन स्थित लैब से डीएनए को लेकर सैंपल लेने के लिए तारीख ली गई। इसी बीच कविता के टांके पक गए। डॉक्टरों ने उसको अनफिट घोषित कर दिया।
मामले के अनुसार कविता लड़के का दावा करते हुए बच्ची को सिविल अस्पताल में ही छोड़कर चली गई। सिविल अस्पताल में बच्ची को परी नाम दिया। इसके बाद परी की सिविल अस्पताल की देखभाल की गई।
कई संस्थाओं ने जताई थी नाराजगी
परी को लेकर टीम आवाज समेत कई संस्थाएं सामने आई थी और टीम आवाज ने एक बार कैंडल मार्च व फिर सीएम विंडो में शिकायत दी थी। उन्होंने पुलिस व प्रशासन पर पूरे मामले में अनदेखी करने का आरोप लगाया और इस मामले में उचित फैसला लेने की कही।
सिविल अस्पताल में जन्मी बच्ची परी का डीएनए सैंपल चार सितंबर को मधुबन में लिया जाएगा। अस्पताल स्टाफ व संबंधित महिला को अवगत करा दिया गया है। महिला किसी तरह की अड़चन पैदा करती है या फिर डीएनए के सैंपल देने को नहीं जाती है तो उस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत