सिविल अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर एक बार फिर बच्चा बदलने का आरोप लगा है और दंपति ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
दंपति का आरोप है कि उन्होंने जन्म के बाद लड़के को दूध पिलाया था, लेकिन अब उनको लड़की दी जा रही है। आरोप है कि उनके साथ दो साल पहले भी सिविल अस्पताल में इसी तरह से धोखा हुआ था। अस्पताल प्रशासन दंपति की सुनने को तैयार नहीं हैं और ऑपरेशन के बाद बच्ची के जन्म होने की जानकारी देने की बात कह रहा है। सीएमओ ने इस मामले में किसी तरह की शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई करने का दावा किया है।
शहर के रामनगर बबैल रोड निवासी महिला कविता और उसके पति अमित ने शुक्रवार सुबह ही अस्पताल में हंगामा कर दिया। महिला कविता और उसके पति अमित ने आरोप लगाया कि उनका बच्चा बदला है। डॉक्टर और स्टाफ अब उनको लड़की दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के कुछ डॉक्टर और स्टाफ ने हेराफेरी की है और अब उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे। डॉक्टर और स्वास्थ्य अधिकारी अब उनको धमका रहे हैं। वे अपने बच्चे को पाकर रहेंगे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
इसके बाद बस अड्डा चौकी प्रभारी जयबीर सिंह मौके पर पहुंचे और उनको शांत किया।
अमित ने बताया कि उसकी पत्नी कविता गर्भवती थी और उसको 15 जून को सिविल अस्पताल लेकर आया था। यहां पर 17 जून को डॉक्टर ने ऑपरेशन कर बच्चे को जन्म दिलाया था। बच्चे को जन्म के बाद नर्सरी में रख दिया।
आरोप है कि डॉक्टरों ने उनको लड़का और लड़की होने के बारे में कुछ भी नहीं बताया।
कविता ने बताया कि स्टाफ ने उनको बच्चे को दूध पिलाने की बात कही थी। वह नर्सरी में बच्चे को दूध पिलाने गई थी। उस वक्त बच्चे ने टायलेट कर दिया। वह उसको धोने लगी। उसने उस समय लड़के को दूध पिलाया था और उसी का टायलेट धोया था। आरोप है कि अब उसको लड़की दी जा रही है।
रामनगर निवासी अमित ने बताया कि उसकी दो लड़की हैं। उसकी पत्नी दो साल पहले भी गर्भवती हुई थी और 22 जून 2013 को सिविल अस्पताल में उनके साथ इसी तरह से धोखा हुआ था। उनको उस वक्त भी लड़का हुआ था, लेकिन लड़की दे दी थी। दो साल बाद उनको फिर लड़का हुआ और अब फिर लड़की दी जा रही है। सिविल अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ उनकी सुनने को तैयार नहीं हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक जैन ने मामले की सूचना मिलते ही बर्न वार्ड में पहुंचे। उन्होंने दंपति से बात करने के बाद डॉक्टर और स्टाफ से पूरा मामला जाना। उन्होंने बताया कि कविता ने ऑपरेशन के बाद लड़की को जन्म दिया था और उनको इसकी जानकारी दे दी थी। अस्पताल में गलती लगने के चलते उनको लड़का दे दिया होगा, लेकिन उनका लड़का नहीं है। वे चाहें तो इसका डीएनए करा सकते हैं। अस्पताल में बच्चों के मामले में पूरी सुरक्षा बरती जाती है और गंभीरता के साथ काम किया जा रहा है।
सिविल अस्पताल में बच्चा बदलने की मेरे पास कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने एक सूचना पर इसकी जानकारी ली है। अस्पताल स्टाफ इस तरह के किसी भी मामले से मना कर रहे हैं। उनके पास इसमें कोई शिकायत मिलती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। डॉ. इंद्रजीत धनखड़, सीएमओ
पुलिस को दंपति की शिकायत मिली है। उन्होंने सिविल अस्पताल में बच्चा बदलने का आरोप लगाया है। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थी और दोनों को शांत किया। पुलिस ने रिकॉर्ड की जांच की हैं। जिसमें महिला को लड़की होना पाया गया है। अस्पताल में गलती से उनको लड़का देने की बात भी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इसमें उचित कार्रवाई की जाएगी।
जयबीर सिंह, प्रभारी, चौकी बस अड्डा