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प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकसित हो रही हिंदी : डॉ. सुनील

Tue, 16 Sep 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मुख्य वक्ता डॉ सुनील को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित करते पदा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी विभाग के उपक्रम हिंदी साहित्य परिषद की ओर से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को प्रौद्योगिकी में हिंदी भाषा विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि पैदा करना, डिजिटल डिवाइड को कम करना, स्वयं की भाषा में तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देना एवं प्रौद्योगिकी में हिंदी भाषा के बढ़ते प्रभाव को स्पष्ट करना रहा।
मुख्य वक्ता के रूप में पं. चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय करनाल के हिंदी विभाग से सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील दत्त रहे। प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता और हिंदी साहित्य परिषद के संयोजक विजय सिंह ने मुख्य वक्ता के आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
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प्राचार्य ने कहा कि हिंदी दिवस का महत्व केवल भाषा को प्रोत्साहित करने तक सीमित नहीं है बल्कि हमारी हिंदी भाषा हमारे देश की एकता, सभ्यता और संस्कृति की भी पहचान है। हम सभी को हिंदी भाषा पर गर्व होना चाहिए। प्रौद्योगिकी में हिंदी भाषा का प्रयोग हर क्षेत्र में विकसित होता जा रहा है।
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मुख्य वक्ता डॉ. सुनील दत्त ने व्याख्यान में हिंदी भाषा की ऐतिहासिक स्थिति से लेकर वर्तमान स्थिति तक के परिदृश्यों पर प्रकाश डाला। संविधान में अनुच्छेद, अधिनियम और आयोग के माध्यम से राजभाषा हिंदी पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अत्यधिक विकसित हो रही है जिसमें बाजार प्रौद्योगिकी, सिनेमा प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी, दूरदर्शन प्रौद्योगिकी एवं अनुवाद प्रौद्योगिकी के रूप में निरंतर तकनीकी विकास हो रहा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक का विकास आदिकाल से ही आरंभ हो गया था।
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