पानीपत। एलीवेटेड हाईवे पर परेशानी का सबब बनी कच्ची सड़क जल्द पक्की होने वाली है। जिला प्रशासन ने इसको पक्का करने और पेड़ पौधे लगाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। योजना को अमली जामा पहनाने का जिम्मा पानीपत रिफाइनरी को सौंपा गया है। पानीपत रिफाइनरी अधिकारियों ने भी इसके लिए सहमती जाता दी है। योजना पर काम दिसंबर में शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही रिफाइनरी के लिए जाने वाला काबड़ी गांव का रेलवे फाटक भी खोला जाएगा। इससे रिफाइनरी आना-जाना और जीटी रोड से गुजरना आसान होगा।
लघु सचिवालय के प्रथम तल पर इस योजना के संबंध में सोमवार को डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें स्थानीय प्रशासन के साथ रिफाइनरी अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने एलीवेटेड हाईवे के नीचे कच्ची सड़क और पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर चर्चा की। डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने कहा कि सड़क का निर्माण जरूरी है। इसके बनने के बाद इसका इमरजेंसी में जीटी रोड की जगह प्रयोग किया जा सकता है। सड़क किनारे पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण भी बेहतर हो सकता है। रिफाइनरी अधिकारियों ने प्रस्ताव पर सहमती जताई। डीसी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की लागत करीब पांच करोड़ होगी। रिफाइनरी अधिकारियों ने इस काम को कराने का जिम्मा लिया। डीसी ने रिफाइनरी अधिकारियों की सहमति मिलने पर पूरे प्रोजेक्ट पर मुहर लगा दी। इस मामले को पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और रिफाइनरी के बोर्ड चेयरमैन के पास अंतरिम सहमति को लिए भेजा जाएगा। इस मौके पर एसडीएम विवेक चौधरी, डीआरओ वीके बठला, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन प्रदीप अत्री आदि मौजूद रहे।
काबड़ी गांव के पास बंद रेलवे लाइन को खोलने के निर्देश
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बैठक में काबड़ी गांव के पास रेलवे लाइन पर बने को भी खोल देने के निर्देश दिए।
यह थी दिक्कत
मुख्यमंत्री ने एलीवेटेड हाईवे के नीचे सड़क को पक्का करने की घोषणा पिछले वर्ष की थी। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी के माध्यम प्रस्ताव बनाकर एनएचएआई को भेज दिया था। एनएचएआई अधिकारियों ने इस पर रोक लगा दी। सड़क न होने से लोगों को एलीवेटेड हाईवे के नीचे से निकलने में मुश्किल होती थी।
जीटी रोड के नीचे खाली पड़ी कच्ची सड़क को पक्का किया जाएगा। इसका जिम्मा रिफाइनरी को सौंपा है। पानीपत रिफाइनरी कच्ची सड़क को पक्का करवाकर हरा-भरा भी बनाएगी। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और रिफाइनरी बोर्ड चेयरमैन से अंतरिम मंजूरी ली जाएगी।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, उपायुक्त पानीपत।